नई दिल्ली, 7 सितम्बर (विक्रांत) भारत सरकार द्वारा 2025 को “आसियान-भारत पर्यटन वर्ष” घोषित करने के बाद, देश की पर्यटन कूटनीति ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी गूंज बढ़ा दी है। इसी क्रम में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने वियतनाम में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित इंटरनेशनल टूरिज़्म एक्सपो (ITE) वियतनाम 2025 में भारत का नेतृत्व करते हुए देश की पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

यह आयोजन 4 से 6 सितम्बर 2025 तक हो ची मिन्ह सिटी के सैगॉन एक्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SECC) में हुआ। इस दौरान आईआरसीटीसी द्वारा स्थापित विशेष “आसियान-भारत पैवेलियन” भारत की विविधता और पर्यटन समृद्धि का प्रमुख केंद्र बना। इसमें भारत की सांस्कृतिक धरोहर, योग और वेलनेस पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य, साहसिक पर्यटन और लक्ज़री ट्रेनों जैसे महाराजा एक्सप्रेस, गोल्डन चैरीअट तथा बौद्ध सर्किट ट्रेन को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।
इस पैवेलियन का उद्घाटन हो ची मिन्ह सिटी में भारत के महावाणिज्यदूत श्री विप्र पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत और आसियान देशों के बीच पर्यटन सहयोग को नई दिशा देगी। आईआरसीटीसी के डायरेक्टर श्री राहुल हिमालयन के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों के टूर ऑपरेटरों और प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर नए साझेदारी के अवसर तलाशे।
इस पहल के अंतर्गत, आईआरसीटीसी ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित पाटा ट्रैवल मार्ट 2025 में भी “आसियान-भारत पैवेलियन” की स्थापना की। इसका उद्घाटन थाईलैंड में भारत के राजदूत श्री नागेश सिंह ने किया। इसके साथ ही 28 अगस्त को थाईलैंड में एक प्रभावशाली रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आईटीई वियतनाम में भारत की भागीदारी का नेतृत्व करते हुए आईआरसीटीसी ने न केवल पैवेलियन की व्यवस्था बल्कि संपूर्ण भारतीय प्रतिनिधिमंडल की लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक निभाई। साथ ही, एक आसियान-भारत पर्यटन रोड शो का आयोजन कर, भारत और आसियान देशों के पर्यटन उत्पादों को मंच पर लाकर स्थानीय ट्रैवल एजेंटों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित “आसियान-भारत पर्यटन वर्ष 2025” के तहत उठाए गए इन कदमों ने भारत की पर्यटन कूटनीति को नई ऊंचाई दी है। यह पहल न केवल क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देती है, बल्कि भारत और आसियान देशों के बीच आपसी विश्वास, साझेदारी और सतत पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करती है। ITE वियतनाम 2025 में भारत की प्रभावशाली उपस्थिति से स्पष्ट है कि भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ एक अग्रणी गंतव्य बनता जा रहा है।

