पूर्णिया, 28 सितंबर (राजेश कुमार झा) दालकोला चेकपोस्ट पर सरकारी राजस्व का चुना लगाने में माहिर ये परिवहन कर्मी एवं अधिकारी अपने जेबें गर्म करने में पीछे नहीं हटते.परिवहन विभाग जिनको दालकोला चेकपोस्ट भेजते है,समझो उनकी तो लॉटरी ही लग जाती है. दालकोला चेकपोस्ट जाने के बाद तो उनके बल्ले बल्ले हो जाते है.बताते चलें कि सेवन सिस्टर में शुमार NH 31 का दालकोला चेकपोस्ट हमेश विवादों में ही रहते है.जिनके वजह से कई परिवहन कर्मचारी सस्पेंड भी हुए.

लेकिन इसके बावजूद इन परिवहन कर्मियों ने कोई सबक या बदलाव नहीं हुआ.डालकोल चेकपोस्ट जाने के बाद हमेशा इसी ताक में रहते है कि अपनी जेबें कैसे भरी जाय.जिसके चलते कई कर्मचारियों पर ग़ाछ गिर चुकी है.लेकिन आज भी स्तिथि जस की तस बनी हुई है.बताते चलें कि दालकोला चेकपोस्ट पर रात के 10 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक प्रतिदिन 500 से अधिक बड़े बड़े ट्रकों की आवाजाही रहती है.जिसमें अधिकतर ट्रक की ओवरलोडिंग रहती है.जिनको देख कर उन ट्रकों को फाइन करने का जिम्मा परिवहन विभाग रहता है.

जिससे लाखों रुपयों का राजस्व बिहार सरकार को जाता है.लेकिन पिछले दो साल की बात करें तो दालकोला चेकपोस्ट के परिवहन कर्मी एवं अधिकारी ने सिर्फ खानापूर्ति के अलावे कुछ भी नहीं किया है.जिससे लाखों रुपयों का नुकसान बिहार सरकार को झेलना पड़ रहा है.विभाग को जब इस बात की जानकारी मिली तो परिवहन सचिव ने कहा कि इसकी जांच जरूर होगी.

