
पटना, 11 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार विधानसभा के बजट सत्र में उस वक्त माहौल गरमा गया जब पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर ने अपनी ही पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से उनके क्षेत्र में सरकारी अस्पताल की जर्जर हालत पर सीधा सवाल दाग दिया। प्रश्नकाल के दौरान ठाकुर ने तारडीह ब्लॉक के कुरासन नदियामी स्थित अस्पताल भवन को असुरक्षित बताते हुए चेतावनी दी कि वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री के शुरुआती जवाब में भवन को “मरम्मत योग्य” बताया गया, लेकिन ठाकुर इससे संतुष्ट नहीं हुईं। उन्होंने दो टूक कहा कि जमीनी हकीकत मंत्री के आकलन से मेल नहीं खाती। उन्होंने सदन को बताया कि अस्पताल की सेवाएं एक छोटे से कमरे में चल रही हैं और फिलहाल वहां एक भी एमबीबीएस डॉक्टर तैनात नहीं है, जबकि पहले दो डॉक्टर कार्यरत थे।

ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मंत्री पर हमला करना नहीं, बल्कि जनता के हित में अपील करना है। हालांकि, उनके दोबारा आग्रह के बाद सदन में कुछ देर के लिए तीखी बहस छिड़ गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इंस्टाग्राम पर ठाकुर ने लिखा, “पब्लिक हेल्थ के साथ कोई समझौता नहीं।” यूजर्स ने उनकी विनम्र लेकिन मुखर दखल की सराहना की।

