
पूर्णिया, 09 फरवरी (राजेश कुमार झा) अप्रैल महीने से जमीन की खरीद-बिक्री अब आसान नहीं रहेगी.विभाग ने 13 साल बाद जमीन रजिस्ट्री में लगने वाले सरकारी चालान में चार गुणा वृद्धि की अनुशंसा कर दी है.बिहार सरकार ने भी हरी झंडी दे दी है.बताते चलें कि पूरे बिहार में जिस तरह जमीन की कीमत में वृद्धि हुई है.उसके हिसाब से जमीन रजिस्ट्री में लगने वाले सरकारी चालान में वृद्धि नहीं हुई है.जिसको लेकर विभाग ने जमीन की कीमत में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए सरकार को राजस्व में वृद्धि के लिये पत्र लिखा.

विभाग ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी. जिसके फलस्वरूप सरकार ने भी वृद्धि को लेकर हरी झंडी दे दी है.नए MVR के लागू होने की खबर से पूरे बिहार में हड़कंप मच गया है.अब लोग आनन-फानन में किसी भी तरह अप्रेल महीने से पहले जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिये जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है.जमीन मामलों के जानकार बताते है कि ये सरकार की एक बहुत अच्छी पहल है. लेकिन इसमें कई तरह की समस्याएं आएंगी.जो लोग पक्के में काम और कच्चे में ज्यादा जमीन खरीद-बिक्री करते थे.उनको बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.मान लीजिए जिनको जमीन का सरकारी चालान 6 लाख रुपया जमा करना है.

उनको अब सीधे चार गुणा अधिक यानि 24 लाख रुपया सरकारी चालान जमा करना पड़ेगा.जो कि उनके लिये एक नई समस्या पैदा कर सकता है.फिलहाल अब देखने वाली बात ये है कि आने वाले समय में लोग इसे कैसे मैनेज करेंगे.

