पटना, 7 सितम्बर (अशोक “अश्क”) अब बैंक गारंटी, किरायानामा, ऋण एकरारनामा या जमीन रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए भौतिक रूप से स्टाम्प पेपर खरीदने की जरूरत नहीं होगी। बिहार सरकार ने इस प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही आम नागरिकों और सरकारी एजेंसियों को 24 घंटे ऑनलाइन ई-स्टाम्प जारी करने की सुविधा मिलेगी।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड (NESL) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। समझौते के बाद आवेदकों को जरूरी स्टाम्प शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करते ही डिजिटल हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज मिल जाएगा, जिसकी वैधता पारंपरिक स्टाम्प पेपर के समान होगी।
फिलहाल राज्य में स्टाम्प पेपर की खरीद ऑफलाइन होती है, जिससे लोगों को समय और मेहनत दोनों लगते हैं। ई-स्टाम्प सुविधा लागू होने से आवेदक घर बैठे NESL की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे और भुगतान करते ही उन्हें डिजिटल बैंक गारंटी, ऋण अनुबंध या अन्य आवश्यक दस्तावेज मिल जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में पहले से ही डिजिटल डॉक्युमेंट एग्जीक्यूशन (DDE) की व्यवस्था लागू है। इन राज्यों में NESL द्वारा गवर्नमेंट रिसीट अकाउंटिंग सिस्टम (GRAS) के माध्यम से यह सुविधा दी जा रही है।
इसका लाभ न केवल आम नागरिकों को, बल्कि राज्य के सभी सरकारी कार्य विभागों को भी मिलेगा, जहां परफार्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी अनिवार्य रूप से लागू है। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
सरकार का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है, जिससे दस्तावेजों के निष्पादन की प्रक्रिया आसान, सुरक्षित और समयबद्ध होगी।

