नई दिल्ली, 01 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारत के पश्चिमी तट के पास रणनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। तीनों सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास ‘त्रिशूल’ के शुरू होते ही पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ गई है। इसी को देखते हुए पाकिस्तान ने अरब सागर में नया नेवल नेविगेशनल अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के तहत पाकिस्तानी नौसेना 2 से 5 नवंबर के बीच सर क्रीक क्षेत्र के नजदीक लाइव फायरिंग और नौसैनिक अभ्यास करेगी। यह वही क्षेत्र है, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से समुद्री सीमा विवाद बना हुआ है।

पाकिस्तानी नेविगेशनल अलर्ट में 135 किलोमीटर लंबा समुद्री क्षेत्र शामिल किया गया है और सभी वाणिज्यिक और नागरिक जहाजों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। न्यूज 18 के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसेना इस अभ्यास में मिसाइल परीक्षण और पनडुब्बियों से छोड़े जाने वाले टॉरपीडो के ट्रायल भी कर सकती है। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान ने लगातार कई NOTAMs और NAVAREA चेतावनियां जारी की हैं, जिससे संकेत मिलता है कि उसके सैन्य गतिविधियों में असामान्य बढ़ोतरी हुई है।
पूर्व एयरफोर्स पायलट विजयेन्द्र के ठाकुर ने कहा कि भारत की तरफ से जारी सभी नोटम भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे के आसपास शुरू होते हैं और ये मुख्य रूप से वायुसेना के प्रशिक्षण अभ्यास हैं। उनका मानना है कि भारत के नोटम का सर क्रीक क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है।
भारत की तरफ से जारी ‘त्रिशूल’ युद्धाभ्यास तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और कॉर्डिनेशन बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के आपसी इंटीग्रेशन और युद्धक क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है। वायुसेना अपने राफेल, Su-30MKI, RPAs, UAVs, IL-78 रीफ्यूलर्स और AEW&C सिस्टम्स तैनात कर रही है, जबकि नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत और मिसाइल जहाज समुद्री अभ्यास में भाग ले रहे हैं। थलसेना ने करीब 25,000 जवानों को तैनात किया है, जिन्हें मुख्य युद्धक टैंक, तोपखाने, सशस्त्र हेलीकॉप्टर और कई स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों से लैस किया गया है।
इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य समुद्र, रेगिस्तान और जमीनी इलाकों में आक्रामक युद्धक क्षमता का परीक्षण करना और तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना है।

