
पटना, दिसम्बर (पटना डेस्क) पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास से 25 दिसंबर की रात अचानक हलचल तेज हो गई। रात के अंधेरे में 4 से 5 छोटी गाड़ियां बंगले से निकलती देखी गईं, जिनमें घर और गार्डन से जुड़ा सामान लदा हुआ था। पूरी शिफ्टिंग बेहद गोपनीय तरीके से की गई, ताकि किसी को भनक न लगे। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल यह सामान गोला रोड में अस्थायी तौर पर रखा गया है, जिसे बाद में महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित निजी आवासों में भेजा जा सकता है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। साथ ही विधान परिषद में विपक्ष के नेता के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 39 को विकल्प के रूप में अलॉट किया गया था। उस वक्त RJD ने साफ शब्दों में कहा था कि बंगला खाली नहीं किया जाएगा। लेकिन नोटिस के लगभग एक महीने बाद आधी रात में सामान शिफ्ट होने की खबरों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।खास बात यह है कि जब यह शिफ्टिंग हो रही थी, उस समय RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों पटना में मौजूद नहीं थे। लालू यादव दिल्ली में हैं, जबकि तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर हैं। बंगले में उस वक्त सिर्फ राबड़ी देवी ही मौजूद थी।

बताते चलें कि 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला बिहार की राजनीति का बड़ा प्रतीक रहा है। वर्ष 2005 में राबड़ी देवी को यह आवास अलॉट हुआ था और करीब दो दशकों तक यह लालू परिवार और RJD की राजनीति का केंद्र बना रहा। यहां से कई बड़े फैसले और आंदोलन की रणनीतियां तय हुईं। अब अगर यह बंगला पूरी तरह खाली होता है, तो इसे बिहार की राजनीति के एक अहम अध्याय के अंत के तौर पर देखा जा रहा है।

