इंदौर, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में नगर निगम ने एक मुस्लिम बहुल इलाके में सड़कों के नाम बदलकर साइनबोर्ड लगाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक अन्य को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कदम नगर आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा जांच रिपोर्ट मिलने और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश के बाद उठाया गया।

मामला तब सामने आया जब पूर्व बीजेपी विधायक और नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि चंदन नगर इलाके की सड़कों के नाम ‘धर्म विशेष’ के आधार पर बदल दिए गए हैं, और नए नाम साइनबोर्ड पर प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने इंदौर नगर निगम को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई थी और चेतावनी दी थी कि यदि साइनबोर्ड नहीं हटाए गए तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
शिकायत के बाद, नगर निगम ने 21 अगस्त को चंदन नगर क्षेत्र में लगभग पांच साइनबोर्ड हटा दिए। इसके साथ ही, यातायात विभाग के प्रभारी एग्जीक्यूटिव और एक सब-इंजीनियर को सस्पेंड किया गया है, जबकि एक अन्य सब-इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही, विभाग के प्रभारी एडिशनल कमिश्नर को भी उनके पद से हटा दिया गया है।
विवादित साइनबोर्डों में एक ही सड़क के दो नाम दिखाई दे रहे थे। उदाहरण के तौर पर, एक साइनबोर्ड पर ‘सकीना मंजिल रोड’ के साथ ‘चंदन नगर सेक्टर-बी वार्ड क्रमांक 2’ भी लिखा था, जबकि दूसरे पर ‘रज़ा गेट’ और ‘लोहा गेट रोड’ दोनों नाम दर्ज थे।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये सड़कें वर्षों से इन दोनों नामों से जानी जाती हैं, और साइनबोर्ड हटाने से अब लोगों को स्थान पहचानने में कठिनाई हो रही है।
यह मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली, स्थानीय राजनीति और धार्मिक पहचान से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा में ला रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे से ऐसी किसी भी प्रक्रिया में तय मानकों और अनुमोदन का सख्ती से पालन किया जाएगा।

