नई दिल्ली (अशोक “अश्क”) उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर देश की सियासत गर्मा गई है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी इंडी गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को लेकर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। शाह ने सुदर्शन रेड्डी को “वामपंथी नक्सलियों का समर्थक” करार देते हुए कांग्रेस की मंशा और रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।

अमित शाह ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव को “साउथ बनाम साउथ” के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था, “देश का उपराष्ट्रपति किसी भी राज्य से हो सकता है। इस तरह की क्षेत्रीय सोच लोकतंत्र को कमजोर करती है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, उससे केरल में पार्टी की रही-सही संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी।
गृह मंत्री ने सुदर्शन रेड्डी के 2011 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा, “अगर उन्होंने सलवा जुडूम को असंवैधानिक घोषित न किया होता, तो नक्सलवाद 2020 तक समाप्त हो गया होता। उन्होंने विचारधारा से प्रेरित होकर यह जजमेंट दिया था, जिससे माओवादियों को बल मिला।”
अमित शाह ने केरल की जनता को आगाह करते हुए कहा, “केरल ने नक्सलवाद का दंश झेला है। अब कांग्रेस पार्टी, वामपंथी दलों के दबाव में आकर एक ऐसे व्यक्ति को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना रही है जिसने सुप्रीम कोर्ट जैसे पवित्र मंच का इस्तेमाल नक्सलवाद के समर्थन में किया।”
शाह के मुताबिक, सुदर्शन रेड्डी का सुप्रीम कोर्ट में दिया गया फैसला माओवादी गतिविधियों के खिलाफ सरकार की रणनीति को कमजोर करने वाला था। दिसंबर 2011 में, जस्टिस रेड्डी ने अपने फैसले में कहा था कि आदिवासी युवकों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में माओवादी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में शामिल करना चाहे उन्हें ‘कोया कमांडो’, ‘सलवा जुडूम’ या किसी और नाम से पुकारा जाए यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आदेश दिया था कि इन युवकों को तत्काल निरस्त्र किया जाए।
अमित शाह ने इस फैसले को नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई के लिए एक “बड़ा झटका” बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक विचारधारा से प्रेरित व्यक्ति को मैदान में उतारकर साफ कर दिया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर राजनीतिक समीकरणों को रखता है।
गृह मंत्री के इस बयान के बाद उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

