
नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकार के स्थानीय परिसर में स्थित भारत प्लस एथेनाल लिमिटेड का प्लांट पिछले पांच दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। सरकारी नीति के तहत एथेनाल सप्लाई ऑर्डर में 50 प्रतिशत कटौती किए जाने के बाद 24 दिसंबर से उत्पादन रोक दिया गया, जिससे करीब 300 कामगारों का रोजगार छिन गया है।

कंपनी प्रबंधन के अनुसार पूरा जनवरी महीना प्लांट बंद रहेगा और एक फरवरी से ही उत्पादन दोबारा शुरू होने की संभावना है।कंपनी के सीएमडी अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन एक लाख लीटर, यानी महीने में 30 लाख लीटर एथेनाल बनाने की है, लेकिन नई नीति के बाद ऑर्डर घटकर मात्र 14 लाख लीटर प्रतिमाह रह गया है। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत कटौती के साथ प्लांट को नियमित रूप से चलाना असंभव हो गया है और इससे कंपनी को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही स्थिति बनी रही तो प्लांट को स्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

सीएमडी ने आगे बताया कि उत्पादन आधा होने से कंपनी को मजबूरी में छह महीने प्लांट चलाने और छह महीने बंद रखने की रणनीति अपनानी पड़ रही है। इसका सीधा असर न केवल कामगारों की आजीविका पर पड़ा है, बल्कि स्थानीय किसानों के व्यवसाय पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। कंपनी अनाज आधारित एथेनाल बनाती है, जिसके लिए किसानों से फसल खरीदी जाती है।सीएमडी अजय कुमार सिंह और जीएम अजीत शाही ने साफ कहा कि जब तक सरकार पूरा माल नहीं खरीदेगी, तब तक 50 प्रतिशत कटौती के साथ प्लांट चलाना संभव नहीं है। बिहार में 14 ग्रेन आधारित समेत कुल 22 एथेनाल प्लांट इस नीति बदलाव से प्रभावित हैं। ओएमसी की नीति में परिवर्तन से राज्य का पूरा एथेनाल उद्योग संकट में है। आठ दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब हालात और गंभीर हो गए हैं।

