नई दिल्ली, 28 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बार फिर पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। 26 और 27 अक्टूबर की दरमियानी रात को पाकिस्तानी सेना ने लीपा घाटी के इलाके में भारतीय चौकियों को निशाना बनाते हुए छोटे हथियारों से फायरिंग की और मोर्टार दागे। भारतीय सेना ने तुरंत और सटीक जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी गोलीबारी का माकूल जवाब दिया।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय ठिकानों को टारगेट किया था। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीजफायर उल्लंघन की यह ताज़ा घटना ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान ने अपने सेंट्रल और साउथ एयरस्पेस में कई एयर ट्रैफिक रूट्स पर रोक लगाने का नोटम (Notice to Airmen) जारी किया है। पाकिस्तान की यह कार्रवाई 28-29 अक्टूबर के लिए की गई है, लेकिन उसने इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम किसी संभावित सैन्य अभ्यास या हथियारों के परीक्षण से जुड़ा हो सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, यह पाकिस्तान की घबराहट का संकेत है, क्योंकि भारत 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक सर क्रीक के पास “त्रिशूल” नामक बड़े पैमाने की ट्राई-सर्विसेज मिलिट्री एक्सरसाइज करने जा रहा है। यह अभ्यास सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त ताकत और तालमेल का प्रदर्शन होगा।
रक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली ऐसी उकसाने वाली गतिविधियां अब आम होती जा रही हैं। ऑपरेशन “सिंदूर” के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच इस तरह की लुका-छिपी बढ़ी है, जिसमें दोनों देश समय-समय पर बॉर्डर के पास अपने सैन्य अभ्यासों के लिए नोटम जारी करते हैं।
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नापाक हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश की सीमा की रक्षा के लिए हर कदम उठाया जाएगा। एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

