
समस्तीपुर, 24 दिसम्बर (समस्तीपुर डेस्क) समस्तीपुर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस अहम बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने की। बैठक में जिले में दर्ज लंबित और नए मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अत्याचार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय, नियमानुसार राहत राशि और विधिक सहायता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। डीएम ने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय दिलाना है।बैठक के दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की त्वरित जांच, ससमय चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही पीड़ितों के पुनर्वास, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन करने का आदेश दिया गया।बैठक में माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र कुमार, महेश्वर हज़ारी, रणविजय साहू, अश्वमेघ देवी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और मामलों में तेजी लाने की आवश्यकता जताई।

पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ितों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक के अंत में डीएम ने कहा कि कानून का डर और न्याय का भरोसा, दोनों साथ-साथ दिखना चाहिए।

