
समस्तीपुर, 22 जनवरी (समस्तीपुर डेस्क) रेल यात्रियों के लिए एक बार फिर परेशानी भरे दिन आने वाले हैं। गोरखपुर–गोंडा रेल खंड पर बभनान–परसा तिवारी–स्वामी नारायण छपिया (करीब 12 किमी) के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग के कमीशनिंग कार्य के कारण 23 और 24 जनवरी, 2026 को नॉन इंटरलॉक कार्य किया जाएगा। इस दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा ब्लॉक लिए जाने से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन, नियंत्रण एवं पुनर्निर्धारण किया गया है, वहीं बभनान और स्वामी नारायण छपिया स्टेशनों पर अस्थायी रूप से ठहराव भी समाप्त कर दिया गया है।

रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार इस ब्लॉक का असर देश के बड़े हिस्से से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ेगा। दिल्ली, अमृतसर, हावड़ा, काठगोदाम, आनंद विहार, बरौनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और जयनगर जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने वाली कुल 12 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें अब गोरखपुर–बस्ती–गोंडा के बजाय गोरखपुर–बढ़नी–गोंडा मार्ग से होकर गुजरेंगी, जिससे यात्रियों की यात्रा अवधि बढ़ सकती है।दरभंगा–नई दिल्ली, बरौनी–नई दिल्ली, मुजफ्फरपुर–आनंद विहार, अमृतसर–न्यू जलपाईगुड़ी, आनंद विहार–सहरसा और काठगोदाम–हावड़ा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के रूट बदलने से हजारों यात्रियों की योजना प्रभावित होगी।

वहीं वापसी दिशा में भी नई दिल्ली, आनंद विहार और अमृतसर से चलने वाली ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा।इसके अलावा पांच ट्रेनों को नियंत्रण या री-शिड्यूल किया गया है। आनंद विहार–कामाख्या एक्सप्रेस को 90-90 मिनट नियंत्रित किया जाएगा, जबकि जम्मूतवी–बरौनी और अमृतसर–दरभंगा एक्सप्रेस को भी एक घंटे तक रोका जा सकता है। कटिहार–अमृतसर और मदार जं.–दरभंगा एक्सप्रेस अपने प्रारंभिक स्टेशन से 90 मिनट देरी से रवाना होंगी।सबसे ज्यादा असर स्थानीय यात्रियों पर पड़ेगा, क्योंकि बभनान स्टेशन पर 23 और 24 जनवरी को 13 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव समाप्त कर दिया गया है। इनमें ग्वालियर–बरौनी, बरौनी–लखनऊ, आनंद विहार–रक्सौल, बांद्रा–बरौनी और हावड़ा–काठगोदाम एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं स्वामी नारायण छपिया स्टेशन पर भी दो प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

