ऑपरेशन सिंदूर ने खोली पाकिस्तान की अंतरिक्ष खुफिया एजेंसियों की कमजोरियां, चीन–तुर्की पर बढ़ी निर्भरता; तुर्की के भारत-विरोध की वजहें भी उजागर

नई दिल्ली, 17 नवम्बर (अशोक “अश्क”) ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की रणनीतिक बढ़त ने पाकिस्तान की रक्षा क्षमताओं की कई कमियों को उजागर कर दिया। इनमें सबसे बड़ी कमजोरी अंतरिक्ष-आधारित निगरानी प्रणाली की रही, जिसके चलते पाकिस्तान को वास्तविक समय खुफिया सूचना नहीं मिल पाई। मजबूरी में पाकिस्तान को चीन की सैटेलाइट सर्विलांस पर निर्भर रहना पड़ा, परंतु प्राप्त डेटा अत्यधिक विलंबित था और सैन्य प्रतिक्रिया प्रभावित होती रही।


बताया जाता है कि ऑपरेशन से ठीक पहले पाकिस्तान ने तीन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे थे—PAUSAT-1, PRSC-EO1 और HS-1। PAUSAT-1 को पाकिस्तान की एयर यूनिवर्सिटी ने इस्तांबुल टेक्निकल यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर तैयार किया था। यह 10U नैनो-क्लास सैटेलाइट हाई-रिज़ोल्यूशन कैमरे और उन्नत सेंसरों से लैस है। तुर्की की भागीदारी ने पाकिस्तान को यूरोपीय तकनीकी क्षमता तक अप्रत्यक्ष पहुंच भी दिलाई।
17 जनवरी को चीन के जिउक्वान स्पेसपोर्ट से छोड़ा गया PRSC-EO1 एक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जिसे पाकिस्तान ने “मेड इन पाकिस्तान” बताया, जबकि डिजाइनिंग से लेकर प्रक्षेपण तक पूरा ढांचा चीनी था। यह कृषि भूमि से लेकर शहरी ढांचों तक की निगरानी करने में सक्षम है। इसी तरह, अक्टूबर 2024 में अंतरिक्ष में स्थापित HS-1 हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट भी चीन की तकनीक पर आधारित है। यह छिपी सैन्य गतिविधियों, एयरबेस परिवर्तनों और संवेदनशील ढांचों की हलचल पकड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
पाकिस्तान अब अपना SAR सैटेलाइट विकसित करना चाहता है, जो बादलों के पार देख सकता है और रात में भी सतह की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पढ़ सकता है। परंतु इसके लिए भी उसे चीन और तुर्की की तकनीक पर निर्भर रहना होगा।
सवाल यह भी उठता है कि तुर्की भारत का विरोध करने में अक्सर पाकिस्तान का साथ क्यों देता है। दरअसल, दोनों देशों के रिश्ते ऐतिहासिक और धार्मिक आधार पर बेहद गहरे हैं। ओटोमन साम्राज्य के दौर से तुर्की मुस्लिम नेतृत्व की भूमिका निभाता रहा है और आज भी वही प्रभाव जमाने की आकांक्षा रखता है। 1947 के बाद से पाकिस्तान–तुर्की के सैन्य एवं राजनीतिक समझौते बढ़ते रहे हैं। कश्मीर जैसे मुद्दों पर तुर्की ने अक्सर पाकिस्तान का पक्ष लिया है।
दक्षिण एशिया में प्रभाव बढ़ाने, रक्षा सहयोग गहराने, चीन–पाकिस्तान धुरी से लाभ उठाने और मुस्लिम दुनिया में नेतृत्व जताने की नीति तुर्की को भारत-विरोधी रुख अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

More From Author

बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सज़ा, देश में तनाव बढ़ा

ट्रंप की नई धमकी: रूस से तेल खरीद पर भारत समेत कई देशों पर 500% टैरिफ का खतरा, पुतिन की दिल्ली यात्रा से पहले बढ़ा तनाव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
4:01 pm, Feb 4, 2026
temperature icon 24°C
Sunny
Humidity: 54 %
Pressure: 1017 mb
Wind: 13 mph
Wind Gust: 17 mph
Clouds: 0%
Visibility: 6 km
Sunrise: 6:31 am
Sunset: 5:36 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
4:00 pm
temperature icon
20°/26°°C 0 mm 0% 9 mph 42% 1016 mb 0 cm
7:00 pm
temperature icon
17°/18°°C 0 mm 0% 8 mph 51% 1017 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
13°/15°°C 0 mm 0% 8 mph 57% 1016 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
11°/13°°C 0 mm 0% 7 mph 63% 1016 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
11°/16°°C 0 mm 0% 9 mph 61% 1018 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
19°/24°°C 0 mm 0% 12 mph 37% 1019 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
25°/26°°C 0 mm 0% 13 mph 25% 1016 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
20°/26°°C 0 mm 0% 11 mph 32% 1014 mb 0 cm