लखीसराय, 7 सितम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार के लखीसराय जिले के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैटरी आधारित सौर ऊर्जा बिजली घर बनकर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी महीने इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे। यह बिहार की पहली ऐसी बिजली परियोजना है, जो निर्धारित समय से पहले पूरी की गई है। इसे जनवरी 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कंपनी की सख्त निगरानी और कार्य निष्पादन के कारण इसे सितंबर 2025 में ही पूर्ण कर लिया गया।

यह सोलर प्लांट फिलहाल पीक आवर में 45.6 मेगावाट बिजली प्रति घंटे की आपूर्ति करेगा, जिससे राज्य को बाजार से महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने कजरा से बिजली आपूर्ति की अनुमति दे दी है।
यह परियोजना देश की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। कुल 301 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन और 495 मेगावाट-घंटा बैटरी भंडारण क्षमता वाली इस परियोजना को 1232 एकड़ भूमि पर दो चरणों में विकसित किया जा रहा है।
पहले चरण में 689 एकड़ भूमि पर 185 मेगावाट (एसी) सौर ऊर्जा उत्पादन और 254 मेगावाट-घंटा बैटरी भंडारण प्रणाली का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह प्रणाली 4 घंटे तक 45.4 मेगावाट बिजली दे सकेगी। इस चरण की अनुमानित लागत 1570 करोड़ रुपये है और इसका कार्यादेश 1 जुलाई 2024 को जारी किया गया था।
दूसरे चरण में लगभग 400 एकड़ भूमि (घनी वनस्पतियों को छोड़कर) पर 116 मेगावाट (एसी) सौर ऊर्जा और 241 मेगावाट-घंटा बैटरी भंडारण क्षमता का निर्माण किया जाएगा, जो पीक आवर में 50.5 मेगावाट बिजली 4 घंटे तक दे सकेगी। इस चरण की लागत 880.27 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह परियोजना बिहार की हरित ऊर्जा नीति की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। कजरा सोलर प्रोजेक्ट राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।

