
पटना, 06 जनवरी (पटना डेस्क) पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब बिहार में कहर बनकर टूट रहा है। राज्य में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है और ठंड से मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। राजधानी पटना के श्मशान घाटों पर हालात इसकी गवाही दे रहे हैं। 20 दिसंबर से 05 जनवरी के बीच पटना के विभिन्न घाटों पर कुल 866 शवों का दाह संस्कार किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है।

दीघा घाट पर सबसे अधिक 450 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि गुलबी घाट पर 302 और बांस घाट पर 114 शव जलाए गए। पटना सिटी के खाजेकलां श्मशान घाट पर 25 दिसंबर से 05 जनवरी के बीच 96 लोगों का दाह संस्कार किया गया। घाटों पर पहुंचने वालों में सबसे अधिक संख्या बुजुर्गों की है, जिनकी मौत हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से हुई बताई जा रही है। कड़ाके की ठंड के कारण परिजन स्नान तक नहीं कर पा रहे, सिर्फ पानी छिड़ककर लौट रहे हैं।मौसम विभाग के अनुसार पिछले 40 वर्षों में इस बार सबसे लंबे समय तक ठंड पड़ी है।

इसका सीधा असर अस्पतालों पर दिख रहा है। PMCH समेत बड़े अस्पतालों में ICU और इमरजेंसी वार्ड भरे हुए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बीते 15 दिनों में हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के जिलों में कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि गया, नवादा, अरवल, भोजपुर और बक्सर में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। डॉक्टरों ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

