
पूर्णिया:-13 मार्च(राजेश कुमार झा)शहर के सभी बड़े होटल तकरीबन फुल बताए जा रहे है.जिन बड़े होटलों में जाएं तो नो-रूम का बोर्ड लगा कर रखे है.लेकिन सबसे बड़ी बात शाम ढलते ही शहर के किसी भी रेस्टोरेंट में जाएं तो तकरीबन फुल दिखाई देती है. बताते चलें कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का खतरा पूरे विश्व पर मंडरा रहा है.जिसका असर भारत पर भी दिखने शुरू हो गए.देश के बड़े-बड़े मेट्रो शहरों के होटल एंड रेस्टोरेंट पर इसका असर देखने को मिल जाएगा.लोग अब बाहर जाने से परहेज कर कर रहे है.कारण सबसे अधिक असर होटल के रेस्टोरेंट पर हुआ है.लेकिन पूर्णिया शहर के सभी छोटे-बड़े होटल एंड रेस्टोरेंट में किसी भी तरह का कोई असर नहीं दिख रहा है.ऐसा लग रहा है,जैसे इन होटलों एंड रेस्टोरेंट वालों को मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध की जानकारी बहुत पहले से थी.जिसकी वजह से ये होटल एंड रेस्टोरेंट वाले पहले से ही कमर्शियल सिलेंडर लेकर रख लिए हो.ताकि इनके होटल एंड रेस्टोरेंट बिजनेस में कोई फर्क नहीं पड़े.सबसे बड़ी बात जिस युद्ध का असर पूरे देश के होटल एंड रेस्टोरेंट बिजनेस को रहा है तो पूर्णिया के होटल एंड रेस्टोरेंट में क्यों नहीं हुआ. जब इसकी पूरी तरह छानबीन की गई तो पता चला कि ये होटल एंड रेस्टोरेंट वाले कमर्शियल और घरेलू दोनों का इस्तेमाल कर व्यवसाय चला रहे है.अब सवाल ये उठता है कि इन होटलों और रेस्टोरेंट वालों को घरेलू सिलेंडर कैसे और कहां से मिल रहा है.जहां पूरा पूर्णिया घरेलू गैस की किल्लत से जूझ रहा है.जहां लोग एक सिलेंडर लेने के लिए 5 से 7 घंटे लाइन पर खड़े होकर सिलेंडर ले रहे है.वहां इतनी आसानी से इन होटलों और रेस्टोरेंट वालों को उपलब्ध कहां से हो रहा है. जिला प्रशासन के मौन पर सवाल?

