
बक्सर, 21 फरवरी (विक्रांत) कला, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम शनिवार को किला मैदान में देखने को मिला, जब कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में भव्य ‘विश्वामित्र महोत्सव’ का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, लोकधुनों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पूरा शहर सांस्कृतिक उल्लास में डूबा नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्त्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन के साथ ही वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो उठा।महोत्सव के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भोजपुरी गायक भरत शर्मा तथा प्रसिद्ध लोक गायक विष्णु ओझा को स्मृति चिन्ह एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।

सम्मान के क्षणों में दर्शकों ने तालियों से उनका अभिनंदन किया।जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वामित्र महोत्सव का उद्देश्य लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और बिहार की समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पवन कुमार की गणेश वंदना, राहुल कुमार एवं समूह का राम भजन, जूही कुमारी व सलोनी कुमारी का नृत्य, भावना पांडे और अनुराधा कुमारी की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

अभिनंदन ओझा, नीरज मिश्रा, बारूद डांस एकेडमी तथा बटेश्वर यादव ने भी शानदार प्रस्तुति दी।मुख्य आकर्षण के रूप में स्पीड डांस ग्रुप कोलकाता, राधा सिन्हा डांस ग्रुप पटना, लोक गायिका माधव प्रिया शर्मा, झिंझिया लोक नृत्य एवं पार्श्व गायिका भाव्या पंडित की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। देर रात तक गूंजती तालियों ने साबित कर दिया कि बक्सर की धरती पर संस्कृति की धारा आज भी अविरल बह रही है।

