
बक्सर, 8 मार्च (विक्रांत) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. मिज़ानुल हक थे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शांभवी, बिहार कृषि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के प्राचार्य डॉ. रवि केसरी तथा कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. किरण कुमारी मौजूद रही।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह का संदेश भी साझा किया गया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि कृषि, विज्ञान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राष्ट्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।मुख्य अतिथि डॉ. मिज़ानुल हक ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। कृषि, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी।

डॉ. श्वेता शांभवी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण का निर्माण आवश्यक है, ताकि वे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें। वहीं डॉ. रूबी रानी ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना कृषि और ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है।समारोह के अंत में विश्वविद्यालय की महिला प्राध्यापकों और संकाय सदस्यों को सम्मान स्वरूप पौष्टिक फलों से युक्त फल-हैम्पर भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

