नई दिल्ली, 18 सितम्बर (अशोक “अश्क”) अगर आपके दांत में तेज दर्द, चबाने में परेशानी, दांत का रंग काला या भूरा होना, दांत का टूट जाना या गिरना जैसी समस्याएँ हो रही हैं, तो यह संकेत हैं कि आपके दांत सड़ने लगे हैं, यानी कि आपको कैविटी हो गई है। कैविटी तब होती है जब दांत में छोटे-छोटे छेद बन जाते हैं और अगर यह गहरी हो जाती है, तो बैक्टीरिया दांत की नस तक पहुँच कर इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं।

कैविटी का मुख्य कारण क्या है? दरअसल, जब मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं और दांतों को ठीक से साफ नहीं किया जाता, तो प्लाक और टार्टर बन जाते हैं, जो दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं और अंततः कैविटी का कारण बनते हैं। दांत की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और उसमें छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं।
हालांकि, बहुत से लोग मानते हैं कि कैविटी का इलाज सिर्फ डॉक्टर या फिलिंग से ही हो सकता है, लेकिन डेंटिस्ट डॉक्टर एली फिलिप्स के मुताबिक, कैविटी की शुरुआत को सही समय पर रोका जा सकता है और दांतों को मजबूत भी किया जा सकता है।
कैविटी अचानक से नहीं होती। यह तब शुरू होती है जब दांत की एनामेल (enamel) से मिनरल्स कम हो जाते हैं। एनामेल दांत की बाहरी परत होती है, जो एक क्रिस्टल स्ट्रक्चर के रूप में होती है और इसमें छोटे-छोटे खनिज होते हैं। जब यह खनिज एसिड की वजह से घुलने लगते हैं, तो दांत में छेद बनने लगते हैं। यह एसिड मुख्य रूप से खाने-पीने की चीजों से उत्पन्न होता है, जैसे मीठा खाना, बार-बार स्नैक्स लेना और मुंह में बैक्टीरिया का होना।
- सही तरह से ब्रश करें – दांतों को दिन में कम से कम दो बार अच्छे से ब्रश करें, ताकि बैक्टीरिया और प्लाक को हटाया जा सके।
- फ्लॉसिंग करें – दांतों के बीच की जगहों को साफ करने के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल करें।
- स्वस्थ आहार अपनाएं – शक्कर और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों की कम खपत करें, क्योंकि ये बैक्टीरिया के लिए फूड सोर्स बनते हैं।
- मिनरल्स से भरपूर टूथपेस्ट – मिनरल्स (जैसे फ्लोराइड) से भरपूर टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, जो एनामेल को मजबूत बनाए।
- डेंटल चेकअप – नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाएं, ताकि किसी भी प्रारंभिक कैविटी का इलाज किया जा सके।
अगर इन उपायों को अपनाया जाए, तो आप न केवल कैविटी को रोक सकते हैं, बल्कि दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत भी बना सकते हैं।

