
पूर्णिया, 28 जनवरी (राजेश कुमार झा) शहर में दिनदहाड़े हुए एक बड़े व्यवसायी पुत्र की हत्या के बाद लोगों ने सुशासन पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.इस हत्या के बाद लोगों ने अपना-अपना रिएक्शन देना शुरू कर दिया है.लोगों ने कहा लगता है हमलोग फिर से उसी जमाने में आ गए है.जिस जमाने में लोग अच्छी गाड़ियां लेने में डरते थे.अगर किसी ने हिम्मत कर अच्छी एवं महंगी गाड़ियां खरीद भी ली तो उस पर चढ़कर घूमने में भी डर बना रहता था.

कारण था अपराधियों की धमकी.बताते चलें कि एक समय था जब पूर्णिया सहित पूरे बिहार में अपराधियों का बोलबाला था. पूरे बिहार में अपराध उद्योग चरम पर था.आपके पास पैसा है या आपने कोई महंगी गाड़ी खरीदी या महंगा घर बनाया तो आप पक्का अपराधियों की नजर में आ चुके.कभी भी किसी भी वक्त आपको अपराधियों का कॉल आ सकता था.बताते चलें कि एक समय था कि अगर आपने कोई महंगी गाड़ी खरीदी और आप शहर में घूमते दिखे तो अपराधी आपको गाड़ी से उतारकर आपकी गाड़ी पर चढ़ने का मन बना ले.या आपकी गाड़ी ही अपने पास रख ले.

क्योंकि उसे न तो कानून का डर था और न ही पुलिस का.आप किसके पास जायेंगे.लिहाजा कोई भी आदमी के पास अगर पैसा था भी तो वो स्कूटर या मोटरसाइकिल पर चलना ज्यादा सुरक्षित महसूस करता था.कहता था जान है तो जहान है.आज पूर्णिया फिर से उसी जमाने की तस्वीर दिख रही है.जो नीतीश बाबू की सरकार में धुंधली हो चुकी थी. बताते चलें कि 27 जनवरी को दिनदहाड़े शहर के बड़े व्यवसायी पुत्र सूरज बिहारी की हत्या के बाद लोगों ने अपना जबरदस्त रिएक्शन देना शुरू कर दिया है. लोगों ने कहा कि पिछले 25 सालों से हमलोग बहुत ही चैन की नींद सो रहे थे.पैसे कमाने के साथ शौक को नहीं दबाते थे.महंगी गाड़ियों में घूमने का शौक भी पूरा कर लिया.लेकिन कल की घटना ने फिर से उसी जमाने की याद ताजा कर दी.

