
बक्सर, 14 जनवरी (विक्रांत) कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में सिपाही घाट, सेन्ट्रल जेल रोड पर आयोजित *पतंग महोत्सव 2026 ने पूरे जिले को उत्सवमय बना दिया। गंगा तट पर सुबह से ही पतंगों की छटा, लोकसंस्कृति की महक और खेल प्रतियोगिताओं की गूंज ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया।

महोत्सव का शुभारंभ जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पौष मास में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व शुभता, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। इसे खिचड़ी पर्व के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन चूड़ा-दही, तिल, गुड़, तिलकुट, तिलवा और रात में खिचड़ी खाने की परंपरा है। लोग गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी खुशियां समाज के हर वर्ग के साथ साझा करते हैं।

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर महिमा साक्षी का एकल नृत्य, ओमकार दुबे, रवि रंजन चौबे, मनीष कुमार पटेल, शुभम कुमार, पायल मलिक, सृष्टि कुमारी एवं सिद्धार्थ कुमार के एकल गायन, राजेश कुमार सिंह का समूह नृत्य, गुरुकुल डांस एकेडमी, हीरो जैक्सन लक्ष्य ग्रुप, एमपी उच्च विद्यालय के समूह नृत्य और मुकुंद कुमार के एकल नृत्य ने तालियां बटोरीं।महोत्सव में बक्सर की लोककला और हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉल लगाए गए।

केंद्रीय कारा बक्सर के बंदियों द्वारा निर्मित खाद्य एवं अन्य सामग्री को “मुक्ति आउटलेट” के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला।खेल प्रतियोगिताओं में कबड्डी, खो-खो, रस्सा कस्सी, म्यूजिकल चेयर, बोरा दौड़, स्पून रेस, हैंडबॉल और फ्लैशमोब डांस शामिल रहे। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण भी किया।कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अनेक जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

