गया (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी गया में हैं, जहां वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर राज्य को 13 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब देश चुनावी मोड में है और बिहार की राजनीति पहले से ही उबाल पर है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल विकास कार्यों को गति देगा, बल्कि इसके जरिए वे बिहार की जनता को एक राजनीतिक संदेश भी देंगे। गया में हो रही यह बड़ी घोषणा केंद्र और राज्य सरकार की साझा उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास है। लेकिन इस दौरे से पहले ही राजनीतिक बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री के दौरे पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया, जिसने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया। लालू यादव ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गया आ रहे हैं, गया पिंडदान की धरती है। वे नीतीश कुमार की राजनीति का पिंडदान करने आ रहे हैं।”
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया। लालू यादव के इस बयान को बीजेपी ने सीधा चुनौती के तौर पर लिया और तीखी प्रतिक्रिया दी।
लालू यादव के ट्वीट पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “लालू यादव मुगालते में न रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गया में लालू प्रसाद के बेटे की राजनीति का पिंडदान करेंगे और सिमरिया में उसका अंतिम संस्कार। आरजेडी की राजनीति अब अंतिम दौर में है। जनता अब जंगलराज नहीं, विकास चाहती है।”
नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि लालू यादव और उनकी पार्टी अब भी पुराने ढर्रे की राजनीति कर रही है, जबकि देश और राज्य आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में जिन योजनाओं की सौगात दी जा रही है, उनमें सड़क, रेलवे, सिंचाई और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के साथ साझा मंच पर आने से यह संकेत भी दिया जा रहा है कि एनडीए गठबंधन बिहार में एकजुट है और विपक्ष को चुनौती देने के लिए तैयार है।
वहीं दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी पर बिहार के साथ छल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “नरेंद्र मोदी को बिहार के विकास की कोई चिंता नहीं है। वे सिर्फ चुनाव के समय बिहार को याद करते हैं और यहां के लोगों से वोट मांगने आते हैं। बिहार को आज तक विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। यह सिर्फ जुमलों की राजनीति है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गया दौरा विकास योजनाओं की घोषणा के लिहाज से जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह दौरा बिहार की राजनीति में गर्माहट लाने वाला भी साबित हुआ है। राजद और भाजपा के बीच शब्दों की इस जंग ने यह साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव से पहले सियासी पारा और चढ़ेगा।
अब देखना यह होगा कि जनता विकास की इन योजनाओं को कितना सराहती है और राजनीतिक तंजबाज़ी को किस नजर से देखती है। लेकिन इतना तो तय है कि पीएम मोदी का गया दौरा बिहार की सियासत में एक नई हलचल जरूर पैदा कर गया है।

