अहमदाबाद, 5 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट महज तीन दिनों में पारी और 140 रन से जीतकर 2 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। इस धमाकेदार जीत के सबसे बड़े नायक बने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन कर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया।

176 गेंदों में 104 रनकी जुझारू पारी और 4 विकेट के साथ जडेजा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद मैच विनर्स में से एक हैं। अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले इस खिलाड़ी ने बीते कुछ वर्षों में अपनी कंसिस्टेंसी से आलोचकों को भी चुप करा दिया है।
जडेजा का यह प्रदर्शन न केवल मैच जिताऊ रहा, बल्कि उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 11वीं बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड भी जीता। इस मामले में उन्होंने अब राहुल द्रविड़ की बराबरी कर ली है।
अब जडेजा के सामने है एक और बड़ा लक्ष्य सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड। टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक 15 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने का रिकॉर्ड मास्टर ब्लास्टर के नाम है। जडेजा अब उनसे सिर्फ 3 अवॉर्ड दूर हैं, और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह दूरी जल्द ही खत्म होती नजर आ रही है।
जडेजा अब तक 86 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 3,990 रन और 334 विकेट अपने नाम किए हैं। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन उन्हें मौजूदा समय में दुनिया का नंबर वन टेस्ट ऑलराउंडर बनाता है। अगर वह फिट और फॉर्म में बने रहे, तो 100 टेस्ट पूरे होने तक वह न केवल यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, बल्कि नए मानक भी स्थापित कर सकते हैं।
इस मैच में भारत की ओर से तीन शतक लगे, लेकिन जडेजा का योगदान सबसे खास रहा क्योंकि उन्होंने गेंदबाजी में भी वेस्टइंडीज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। यह मैच कप्तान शुभमन गिल के लिए भी खास रहा क्योंकि बतौर कप्तान यह उनकी पहली टेस्ट जीत थी।
यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली की शतकीय पारियों के साथ जडेजा का यह परफॉर्मेंस बताता है कि भारतीय टेस्ट टीम अब भी हर मोर्चे पर मजबूत है।
अगर ऐसा ही प्रदर्शन जारी रहा, तो आने वाले महीनों में रवींद्र जडेजा का नाम टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े लीजेंड्स में शुमार होना तय है और शायद, वह दिन भी दूर नहीं जब सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड पीछे छूट जाएगा।

