
पटना, 04 फरवरी (अविनाश कुमार) भारत की बहुप्रतीक्षित जनगणना-2027 को लेकर बिहार में तैयारियों ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में पटना स्थित पुराने सचिवालय में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। बैठक में जनगणना से जुड़ी प्रशासनिक, तकनीकी और अंतरविभागीय समन्वय की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी।

पहले चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चयनित 30 दिनों में पूरा किया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना राज्य राजपत्र में प्रकाशित होगी। भारत सरकार की सीमा स्थिरीकरण अधिसूचना के तहत 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी ग्रामीण या शहरी इकाई की सीमा में बदलाव नहीं होगा।वर्तमान में राज्य में 534 ग्रामीण और 265 शहरी प्रशासनिक इकाइयां अधिसूचित हैं। पहले चरण में 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मकानों की स्थिति, उपयोग, सुविधाएं और उपभोग से जुड़े बिंदु शामिल होंगे। यह जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दी गई है।

जनगणना में जियो-स्पैशियल तकनीक का अनिवार्य उपयोग होगा। BISAG-N के साथ बैठक में प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि बेहतर डेटा से विकास परियोजनाओं में बड़ी बाधाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने बिहार की आर्थिक प्रगति को सुशासन का परिणाम बताया।

