
पूर्णिया, 11 फरवरी (राजेश कुमार झा) पूर्णिया में जमीन के धंधे से अपना धंधा शुरू करने वाले संजीव मिश्रा महज दस सालों में रियल एस्टेट की दुनिया में एक बड़ा नाम बन गया.पूर्णिया से जमीन के धंधे से अपना कैरियर शुरू करने वाले संजीव मिश्रा ने आज बिहार से बाहर कई राज्यों में अपनी पहचान बना ली है. इन्होंने महज दस सालों में इतनी अकूत संपत्ति बनाई कि आज बिहार के सत्ता के गलियारे में संजीव मिश्रा का एक बड़ा नाम बन गया है. आज संजीव मिश्रा बिहार के एक बड़े राजनीतिक दल वीआईपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी बताए जा रहे है.

जिनकी वजह से संजीव को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है.बताते चलें कि संजीव मिश्रा की रियल एस्टेट कंपनी पनोरमा ग्रुप ने महज दस सालों में पूर्णिया,सीमांचल सहित कोसी तक अपने कंस्ट्रक्शन का जाल बिछा दिया है.आयकर विभाग के सर्वे के मुताबिक पनोरमा ग्रुप ने रीयल एस्टेट कारोबार में बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला उजागर है.कागजातों की जांच से ये पता चला कि पनोरमा ग्रुप ने आधी से अधिक विला एवं मिला है. जिसकी जांच अभी चल रही है.बताते चलें कि आयकर विभाग ने संजीव मिश्रा के कुल 14 ठिकानों पर रेड की है.जिसमें सुपौल छातापुर में दो राइस मिल,स्कूल,घर एवं हॉस्पिटल के अलावे पूर्णिया में बायपास एवं जिला स्कूल रोड पनोरमा ग्रुप के सभी ठिकानों पर छापेमारी की है.

अररिया स्थित पनोरमा ई-होम्स के कई ठिकानों पर रेड चल रही है.पूर्णिया में रंगभूमि मैदान के बगल में एक होटल,मार्केट कॉम्प्लेक्स, तनिष्क शोरूम के बगल वाली बिल्डिंग,जिला स्कूल रोड स्थित पनोरमा ग्रुप की इमारतों के अलावे मधुबनी-मरंगा बायपास के पास निर्माणाधीन जमीन पर भी जांच चल रही है.

