
समस्तीपुर, 30 दिसम्बर (समस्तीपुर डेस्क) समस्तीपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और भूमि रिकॉर्ड प्रणाली की पोल खोल दी है। देश की सीमा पर सेवा दे चुके एक रिटायर्ड सैनिक को सरकारी रिकॉर्ड में 11 साल पहले ही ‘मृत’ घोषित कर दिया गया, जबकि वह आज भी जिंदा है और न्याय के लिए भटक रहा है।

मामला कल्याणपुर प्रखंड के झखरा गांव का है। यहां के 63 वर्षीय रिटायर्ड सैनिक अरुण कुमार ठाकुर को वर्ष 2014 में कागजों में मृत दिखा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि गांव के भू-माफिया ने उनकी जमीन हड़पने की नीयत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। सच्चाई तब सामने आई जब हाल ही में कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और दावा किया कि अरुण ठाकुर की मौत हो चुकी है।अरुण ठाकुर का आरोप है कि जमीन हड़पने की साजिश के तहत माफिया ने उनके बेटों को शराब की लत में फंसाया और करीब छह कट्ठा जमीन अपने नाम करा ली।

सबसे बड़ी चाल उन्हें कागजों में मृत घोषित करना था, ताकि उनका हक पूरी तरह खत्म हो जाए।न्याय न मिलने से परेशान अरुण ठाकुर गले में “मैं जिंदा हूं” की तख्ती लटकाकर दफ्तर-दफ्तर घूम रहे हैं। आखिरकार वे समस्तीपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम रोशन कुशवाहा को आवेदन सौंपा। डीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

