समस्तीपुर 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) समस्तीपुर समाहरणालय स्थित सभागार में आज दिनांक 28 अगस्त 2025 को पूर्वाह्न 10:00 बजे सातवीं लघु सिंचाई गणना एवं द्वितीय जल निकाय गणना (संदर्भ वर्ष 2023-24) के सफल क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने की।

प्रशिक्षण में अपर समाहर्त्ता (राजस्व), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, जिला कृषि पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की सहभागिता रही। वहीं प्रखंड स्तर के अधिकारी जैसे प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
जिलाधिकारी श्री कुशवाहा ने अपने संबोधन में गणना कार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए इसके सफल क्रियान्वयन पर बल दिया। इसके पश्चात जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा गणना कार्य की आवश्यकता, उद्देश्य और प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वहीं प्रशिक्षक सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी श्री संतोष कुमार ने लघु सिंचाई गणना और जल निकाय गणना के तकनीकी पक्षों पर प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अधीन जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा हर पांच वर्षों में यह गणना कराई जाती है। इसकी शुरुआत 1986-87 में हुई थी और अब सातवीं गणना का संचालन किया जा रहा है। इस बार के सर्वेक्षण में जून 2024 से पूर्व जिले के सभी ग्रामीण राजस्व ग्रामों में स्थायी या अस्थायी रूप से कार्यरत सिंचाई साधनों जैसे कुएं और नलकूप की गिनती की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में तालाबों की गणना द्वितीय जल निकाय गणना के तहत की जाएगी।
इस बार दोनों गणनाएं पूर्णतः डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन द्वारा कराई जाएंगी। जिले में कुल 143 प्रगणक एवं 24 पर्यवेक्षक इस कार्य में लगाए गए हैं, जो 1144 राजस्व ग्रामों एवं 217 शहरी वार्डों में यह सर्वेक्षण कार्य सम्पन्न कराएंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में सटीक एवं व्यवस्थित गणना सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

