गोपालगंज, 7 अक्तूबर (निज संवाददाता) विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शांतिपूर्ण,निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व निगरानी का व्यापक खाका तैयार किया गया है। प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने की हिदायत दी है।

दरअसल,गोपालगंज उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। जिले के 14 प्रखंडों में 8 प्रखण्ड यूपी की सीमा से लगे हुए हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान अवैध शराब,हथियार या असामाजिक तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीमा क्षेत्रों में 24 घंटे पुलिस बल व दंडाधिकारी की तैनाती की गई है। बलथरी चेकपोस्ट पर वाहनों की गहन जांच शुरू हो चुकी है,वही जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी अस्थायी चेकपोस्ट बनाए गए हैं। हर आने-जाने वाले वाहन व संदिग्ध व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है। ताकि बाहरी तत्व चुनावी माहौल को प्रभावित न कर सकें। इस संबंध में एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले के सभी सीमावर्ती इलाकों में पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की 24 घंटे ड्यूटी लगा दी गई है। विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अब तक 60 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है जो धार्मिक या राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न कर सकते हैं। इन पर नोटिस जारी कर बांड भरवाने और आवश्यक विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही गुंडा सूची में शामिल और अन्य शरारती तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर गुंडा परेड भी कराई जाएगी।उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति या सोशल मीडिया अकाउंट समाज में विद्वेष फैलाने, धार्मिक या राजनीतिक उन्माद भड़काने का प्रयास करता है तो उसका फोटो, वीडियो या स्क्रीनशॉट पुलिस को भेजें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन द्वारा ज़िले भर में चलाए जा रहे इन विशेष अभियानों का मुख्य उद्देश्य चुनाव में बाधा डालने की क्षमता रखने वाले असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करना है। थानाध्यक्षों और अंचलाधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनसे अधिक राशि का बंधपत्र (Bond) भरवाया जाएगा ताकि चुनाव के दौरान वे शांति बनाए रखें।

