गोपालगंज, 16 सितम्बर (ऊषा मिश्रा) जिले स्क्रब टाइफस वायरस ने दी दस्तक दे दिया है। मात्र 15 दिनों के भीतर 25 से ज्यादा मरीज मिलने के बाद पूरे जिले में हाहाकार मच गया है। वही स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नही है। मरीज निजी क्लिनिकों में इलाज करा रहे है। जांच में स्क्रब टाइफस वायरस से संक्रमित पॉजिटिव मरीज मिले हैं। शहर के डॉक्टर राजीव दयाल ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को 5 या उससे अधिक दिन तक बुखार आता है तो तुरंत इसकी जांच करवाएं।

फिलहाल शहर के निजी अस्पतालों में लगभग 7 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा हैं। हलाकिं जिले के अधिकांश डॉक्टर स्क्रब टाइफस वायरस के मरीज की सही पहचान नही कर पा रहे है। देखते ही देखते उनकी हालत गंभीर हो जा रही है। जानकारी के अनुसार स्क्रब टाइफस बीमारी ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है। इंसानों में यह बीमारी संक्रमित चिगर्स के काटने से फैलता है। और इसे ‘ बुश टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। स्क्रब टाइफस बीमारी चूहे और छछूंदर से भी फैलती है। जानकारों की मानें तो इसके लक्षणों में बुखार और ठंड लगना शामिल है। साथ ही सिरदर्द, शरीर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द होता है। एक स्क्रब टाइफस रोगी के कई मामलों में विपरीत गंध और स्वाद बना रहता हैं। वहीं कुछ रोगियों में जोड़ों में दर्द भी होता है जो चिकनगुनिया का भी लक्षण है। फिलहाल स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए अभी तक कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लेकिन कुछ निर्धारित नियमों के अनुसार आप संक्रमित चिगर्स के संपर्क में आने से खुद को बचा सकते हैं। डॉ दयाल ने बताया कि कोई स्क्रब टाइफस से संक्रमित हो जाता है,तो व्यक्ति को एंटीबायोटिक डॉक्सीसाइक्लिन से इलाज करना चाहिए।
15 दिनों के भीतर लगभग 25 से अधिक मरीज सिर्फ अस्पताल रोड़ के एक निजी क्लिंनिक से इलाज करा चुके हैं। जबकि अभी उक्त अस्पताल में गायत्री देवी (48)मिस मुस्कान (20)चेतमन चौधरी (70) वर्ष सहित पांच मरीज भर्ती है। जबकि कसीदन खातून रुबैया खातून,सलोनी कुमारी,नेयाज अहमद,इरफान अली,सुशीला देवी,उमेश कुशवाहा,सुनील श्रीवास्तव व प्रियंका कुमारी सहित कुल 25 से ऊपर मरीज डिस्चार्ज हो चुके है।
सीएस ने कहा कि स्क्रब टाइफस का कोई मरीज अभी तक सदर अस्पताल में भर्ती नही हुआ है। ना कोई मरीज इलाज के लिए ही आया है। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में इसके जांच की व्यवस्था भी पैथोलॉजी में नही है। जिसके चलते मरीज सदर अस्पताल में नही पहुंच रहे हैं।
डॉ बीरेंद्र प्रसाद सीएस गोपालगंज

