रांची 28 अगस्त (अशोक “अश्क”) झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। पुलिस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में हर दिन औसतन 15 आपराधिक मामले महिलाओं के खिलाफ दर्ज किए जा रहे हैं, यानी लगभग हर दो घंटे में एक महिला अपराध का शिकार हो रही है।

पिछले एक महीने के भीतर राज्यभर में महिलाओं से जुड़े कुल 459 आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 177 दुष्कर्म, 137 अपहरण, 77 दहेज प्रताड़ना और 68 छेड़खानी के मामले शामिल हैं। ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति न केवल गंभीर है, बल्कि लगातार बिगड़ती जा रही है।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो:
रांची में सबसे अधिक 57 मामले, जमशेदपुर में 31, पलामू और गढ़वा में 30-30, बोकारो** में **29, धनबाद और गोड्डा में 27-27, गिरिडीह में 25, देवघर में 23, पाकुड़ में 18,
हजारीबाग में 17 मामले सामने आए हैं।
इसके अलावा साहेबगंज, गुमला, रामगढ़, दुमका, लातेहार, सरायकेला, चाईबासा, जामताड़ा, चतरा, कोडरमा, सिमडेगा, लोहरदगा और खूंटी जैसे जिलों में भी मामलों की संख्या दर्ज की गई है।
रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि भले ही बड़े शहरों और अधिक आबादी वाले जिलों में अपराध दर अधिक हो, लेकिन छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित मानना भी गलत होगा। इन आंकड़ों से यह साफ है कि झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

