नई दिल्ली, 20 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को 200 फीसदी टैरिफ की चेतावनी देकर युद्ध टालने में मदद की। हालांकि भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ सीजफायर पूरी तरह द्विपक्षीय था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी।

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “वो (भारत और पाकिस्तान) युद्ध करने वाले थे, सात विमान गिराए गए थे, परमाणु युद्ध हो सकता था। मैंने दोनों को एक जैसी बात कही, अगर आप एक-दूसरे से लड़ते हैं, तो अमेरिका आपसे व्यापार नहीं करेगा। हम 200 फीसदी टैरिफ लगा देंगे।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। उन्होंने चेताया कि यदि भारत रूस से तेल खरीदेगा, तो उसे भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। हालांकि भारत सरकार ने इस बातचीत की पुष्टि नहीं की है। सरकार पहले ही कह चुकी है कि मोदी और ट्रंप के बीच इस विषय पर कोई आधिकारिक संवाद नहीं हुआ है।
उधर, अमेरिकी बाजार में भारत के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में अमेरिका को भारत का व्यापारिक निर्यात 11.9 प्रतिशत घटकर 5.5 अरब डॉलर रह गया है, जबकि अगस्त में इसमें 7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। इसके उलट, गैर-अमेरिकी बाजारों में निर्यात सितंबर में 10.9 प्रतिशत बढ़ा, जो अगस्त में 6.6 प्रतिशत था।
क्रिसिल ने आगाह किया है कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के कारण भारत के निर्यात क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि मजबूत सेवा निर्यात, स्थिर धन प्रेषण और कम तेल कीमतों के चलते चालू खाते का घाटा इस वर्ष जीडीपी का केवल एक प्रतिशत रहेगा।

