नई दिल्ली, 3 नवंबर (अशोक “अश्क”) दुनिया एक बार फिर परमाणु रेस की ओर बढ़ती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया सहित कई देश गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब उन्होंने हाल ही में अपने युद्ध विभाग को परमाणु हथियारों की नई प्रणाली के परीक्षण का निर्देश दिया था ।

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “परमाणु हथियार वाले देश टेस्ट कर रहे हैं, लेकिन इसके बारे में बात नहीं कर रहे। रूस टेस्ट कर रहा है, चीन टेस्ट कर रहा है, लेकिन उनके यहां पत्रकार नहीं हैं जो लिखें। हम एक ओपन सोसाइटी हैं, इसलिए हम बात करते हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ देश अंडरग्राउंड टेस्ट करते हैं, जहां लोगों को केवल कंपन्न (वाइब्रेशन) महसूस होता है, जिससे वे भूकंप जैसी घटनाओं की तरह लगते हैं।
ट्रंप ने आगे कहा, “निश्चित रूप से उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी टेस्ट कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान मई में परमाणु युद्ध की कगार पर थे, जिसे उन्होंने “टैरिफ और ट्रेड नीति के जरिए रोका।” ट्रंप के मुताबिक, अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी।
उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता बढ़ा दी है, खासकर भारत और दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए, जहां परमाणु तनाव पहले से संवेदनशील मुद्दा रहा है।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत किए जा रहे परीक्षणों में वास्तविक परमाणु विस्फोट शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, “ये सिस्टम टेस्ट हैं, जिन्हें हम गैर-महत्वपूर्ण विस्फोट (non-critical explosions) कहते हैं।”
हालांकि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर संकेत दिया है कि वे परमाणु हथियारों के परीक्षण पर दशकों पुरानी पाबंदी हटाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका ने यह कदम उठाया, तो वैश्विक स्तर पर एक नई परमाणु प्रतिस्पर्धा शुरू हो सकती है।

