समस्तीपुर (“अशोक “अश्क”) जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं के लिए निर्धारित पोशाक में स्कूल आना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने इस संबंध में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में बच्चों की अनुशासनात्मक स्थिति को सुदृढ़ करने एवं शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यह देखा गया है कि कई स्कूलों में बच्चे निर्धारित पोशाक में नहीं आते, जिससे विद्यालय का वातावरण प्रभावित होता है। ऐसे में अब सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि हर छात्र-छात्रा विद्यालय में पोशाक में ही उपस्थित हो। यदि कोई छात्र या छात्रा पोशाक में नहीं आता है तो इसके लिए संबंधित कक्षा शिक्षक और प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ऐसे मामलों में चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा इसकी रिपोर्ट डीईओ कार्यालय को भेजी जाएगी।
डीईओ ने यह भी बताया कि शिक्षा विभाग के मुख्यालय स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रोजाना चेतना सत्र की तस्वीरें टेलीफोन के माध्यम से मंगाई जाती हैं। ऐसे में सभी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे विभागीय कॉल अनिवार्य रूप से उठाएं और चेतना सत्र की फोटो समय पर कंट्रोल सेंटर को भेजना सुनिश्चित करें। इस व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस नई पहल का उद्देश्य न केवल छात्रों में अनुशासन को बढ़ावा देना है, बल्कि पूरे शैक्षणिक ढांचे में एकरूपता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि ड्रेस कोड से बच्चों में स्कूल के प्रति गंभीरता बढ़ेगी और वे पढ़ाई में अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

