
बक्सर, 15 जनवरी (विक्रांत) जिले में प्रशासनिक सुस्ती पर लगाम कसने के लिए जिला पदाधिकारी साहिला ने डुमरांव प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की सख्त समीक्षा की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हुई इस बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जन शिकायतों के निपटारे में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायत से जुड़े मामलों का निष्पादन हर हाल में एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही सीडब्ल्यूजेसी, अधियाचित प्रतिवेदन, विधायी प्रश्न, सीपी ग्राम, आरटीआई, सीएम डैशबोर्ड और लोक शिकायत से संबंधित सभी लंबित मामलों को भी सात दिनों के अंदर निपटाने का आदेश दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि समय सीमा के उल्लंघन पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।जिला पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को भी फटकार लगाते हुए विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति की सख्त मॉनिटरिंग के साथ-साथ स्कूलों में चल रहे आधारभूत संरचना के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाए। शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर माना जाएगा। इसके अलावा डीएम ने परिमार्जन सहित अन्य लंबित मदों का शीघ्र और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने डुमरांव प्रखंड में जनता दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों पर संबंधित पदाधिकारियों को विभागीय नियमों के तहत त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।डीएम साहिला की इस सख्त समीक्षा के बाद प्रखंड कार्यालय में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब डुमरांव प्रखंड में कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।

