
बक्सर, 29 जनवरी (विक्रांत) कृषि वर्ष 2025-26 में रब्बी मौसम की सटीक तैयारी और कृषि सांख्यिकी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार, 29 जनवरी 2026 को डुमरांव प्रखण्ड सभागार में एक दिवसीय आवृतिधर्या प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखण्ड विकास पदाधिकारी डुमरांव संदीप कुमार पाण्डेय ने की।

इसमें डुमरांव अनुमंडल के सभी प्रखण्डों के कृषि सांख्यिकी से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत जिला सांख्यिकी पदाधिकारी बक्सर मोती कुमार दिनकर द्वारा पुष्प गुच्छ देकर बीडीओ डुमरांव के स्वागत से हुई। इसके पश्चात जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, बीडीओ डुमरांव, अंचल अधिकारी डुमरांव, ब्रह्मपुर, नावानगर, चक्की एवं चौगाई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।प्रशिक्षण के दौरान जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने कृषि सांख्यिकी आंकड़ों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि समय पर और शुद्ध आंकड़ा संग्रहण न केवल किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने में सहायक होता है, बल्कि सरकारी नीतियों के निर्माण की नींव भी यही आंकड़े होते हैं। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को समयबद्ध प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही 7वीं लघु सिंचाई गणना के अंतर्गत चौगाई, डुमरांव प्रखण्ड एवं नगर परिषद डुमरांव में क्षेत्रीय गणना, स्क्रूटनी और वैलिडेशन कार्य 31 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने का आदेश दिया गया।प्रशिक्षण सत्र का संचालन सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी इटाढ़ी हेमंत कुमार चौबे ने किया।

उन्होंने फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, खेसरा पंजी संधारण, भूमि उपयोग विवरणी, फसल कटनी प्रयोग, नेत्रांकन विधि एवं फसल सांख्यिकी सुधार पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही e-Statistics Portal, CCE Agri App और DGCES App के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी भी साझा की गई।अनुमंडल स्तरीय इस प्रशिक्षण में सहायक एवं प्रखण्ड सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक समेत बड़ी संख्या में संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

