गोपालगंज (सेंट्रल डेस्क) सदर अस्पताल में कार्यरत एक महिला चिकित्सक ने बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने शहर के सभी नर्सिंग होम के चैलेंज को स्वीकार करते हुए 150 किलो वजनी प्रसूता का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। यह उपलब्धि अस्पताल के डॉक्टरों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, खासकर तब जब महिला के परिजनों को अन्य अस्पतालों द्वारा ऑपरेशन के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी जा रही थी। सीएस डॉ बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उक्त प्रसूति कुचायकोट प्रखंड के बनिया छापर गांव निवासी रेयाजुल अंसारी की 28 वर्षीय पत्नी जैबुन नेशा है।जिसे रविवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल लाया गया था। महिला की वजन डेढ़ क्विंटल होने के कारण उसके डिलीवरी में कई जटिलताओं की आशंका थी। परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले कई निजी डॉक्टरों और अस्पतालों से संपर्क किया था,जहां उन्हें ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों में ले जाने की सलाह दी गई थी। इसमें अधिक खर्च की भी आशंका जताई जा रही थी।

लेकिन सदर अस्पताल के डॉक्टरों में मेडिकल ऑफिसर डॉ अंकिता ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर महिला की स्थिति का गहन अध्ययन किया और सिजेरियन का निर्णय लिया। ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और महिला ने एक स्वस्थ सवा चार किलों के बच्चे को जन्म दिया।
परिजनों ने सदर अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में उन्हें कोई खर्च नहीं करना पड़ा,जबकि निजी अस्पतालों में लाखों रुपये का बिल बनने की संभावना थी। परिजनों ने बताया कि कई लोगों को सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं होता सिर्फ निजी अस्पताल पर भरोसा करते है। लेकिन मेरी मरीज का सफल ऑपरेशन सदर अस्पताल की डॉक्टर द्वारा दो घंटे में मेरा विश्वास और बढ़ा दिया। साथ ही हम जैसे गरीब लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो आर्थिक तंगी के कारण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस संदर्भ में डॉ अंकिता ने बताया कि पेशेंट लगभग डेढ़ कुंटल की है, इनका यह तीसरा सिजेरियन है। पहले से दो सिजेरियन हो चुका था। पेशेंट को बीपी थायराइड का प्रॉब्लम है। बहुत सारे मेडिकल को इन्वेस्टिगेट किया गया इनको थोड़ी ब्लड की कमी थी एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।फिर ऑपरेशन किया लगभग 2 घंटे ऑपरेशन चला है और 2 घंटे ऑपरेशन चलने के बाद सवा चार किलों का बच्चा हुआ है। बेबी बॉय है और पेशेंट भी बिल्कुल स्वस्थ है जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ है। उन्होंने बताया कि 150 किलो का पेशेंट अपने आप में एक मेडिकल हाई रिस्क पेशेंट है। प्रेग्नेंसी भी हाई रिस्क हो जाता है। इसमें सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग सहित कई तरह का खतरा बना रहता है। इस सर्जरी में अध्ययन के साथ दो घन्टे का समय दिया गया है। जबकि अमूमन नॉर्मल डिलीवरी हम लोग आधे घन्टे में कर लेते हैं।

