समस्तीपुर, 22 नवंबर (मोहम्मद जमशेद) समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में शुक्रवार को नए छात्रों के आगमन के साथ नामांकन प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने कहा कि यह पल कृषि शिक्षा की जन्मस्थली के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया को इस तरह उन्नत किया है कि छात्रों को इसे लेकर गर्व महसूस हो।

पहले दिन लगभग साठ प्रतिशत से अधिक सीटों पर नामांकन पूरा हो गया। कुलपति डॉ. पांडेय ने काउंटर पर पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की और फीडबैक लिया। कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया अगले दिन भी जारी रहेगी और छात्रों के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, फोटोकॉपी जैसी सुविधाएं भी स्थल पर ही उपलब्ध कराई गई हैं।
दो दिन तक चलने वाली इस प्रक्रिया में कृषि एवं संबंधित विषयों में स्नातक के 451, स्नातकोत्तर के 312 और पीएचडी के 66 छात्रों का नामांकन किया जाएगा।
नामांकन के पश्चात 24 नवंबर से दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जो लगभग पंद्रह दिन तक चलेगा। इस कार्यक्रम में छात्रों को संचार कौशल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, टेबल एटिकेट्स, गीत, संगीत, पेंटिंग और अन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि यह दीक्षारंभ कार्यक्रम इसी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था और इसकी उपयोगिता को देखते हुए अब इसे यूजीसी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में लागू किया गया है।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए आए देश भर से छात्र किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा, कुलपति ने भी किया निरीक्षण
समस्तीपुर, 22 नवंबर (मोहम्मद जमशेद)
समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में शुक्रवार को नए छात्रों के आगमन के साथ नामांकन प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने कहा कि यह पल कृषि शिक्षा की जन्मस्थली के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया को इस तरह उन्नत किया है कि छात्रों को इसे लेकर गर्व महसूस हो।
पहले दिन लगभग साठ प्रतिशत से अधिक सीटों पर नामांकन पूरा हो गया। कुलपति डॉ. पांडेय ने काउंटर पर पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की और फीडबैक लिया। कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया अगले दिन भी जारी रहेगी और छात्रों के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, फोटोकॉपी जैसी सुविधाएं भी स्थल पर ही उपलब्ध कराई गई हैं।
दो दिन तक चलने वाली इस प्रक्रिया में कृषि एवं संबंधित विषयों में स्नातक के 451, स्नातकोत्तर के 312 और पीएचडी के 66 छात्रों का नामांकन किया जाएगा।
नामांकन के पश्चात 24 नवंबर से दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जो लगभग पंद्रह दिन तक चलेगा। इस कार्यक्रम में छात्रों को संचार कौशल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, टेबल एटिकेट्स, गीत, संगीत, पेंटिंग और अन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि यह दीक्षारंभ कार्यक्रम इसी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था और इसकी उपयोगिता को देखते हुए अब इसे यूजीसी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में लागू किया गया है।
समस्तीपुर, 22 नवंबर (मोहम्मद जमशेद)
समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में शुक्रवार को नए छात्रों के आगमन के साथ नामांकन प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने कहा कि यह पल कृषि शिक्षा की जन्मस्थली के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया को इस तरह उन्नत किया है कि छात्रों को इसे लेकर गर्व महसूस हो।
पहले दिन लगभग साठ प्रतिशत से अधिक सीटों पर नामांकन पूरा हो गया। कुलपति डॉ. पांडेय ने काउंटर पर पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों से बातचीत की और फीडबैक लिया। कुलसचिव डॉ. पी.के. प्रणव ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया अगले दिन भी जारी रहेगी और छात्रों के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, फोटोकॉपी जैसी सुविधाएं भी स्थल पर ही उपलब्ध कराई गई हैं।
दो दिन तक चलने वाली इस प्रक्रिया में कृषि एवं संबंधित विषयों में स्नातक के 451, स्नातकोत्तर के 312 और पीएचडी के 66 छात्रों का नामांकन किया जाएगा।
नामांकन के पश्चात 24 नवंबर से दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जो लगभग पंद्रह दिन तक चलेगा। इस कार्यक्रम में छात्रों को संचार कौशल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, टेबल एटिकेट्स, गीत, संगीत, पेंटिंग और अन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि यह दीक्षारंभ कार्यक्रम इसी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था और इसकी उपयोगिता को देखते हुए अब इसे यूजीसी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सभी विश्वविद्यालयों में लागू किया गया है।

