गोपालगंज (उषा मिश्रा) भारतीय सेना के बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ग्रुप में कार्यरत कलेक्टर बैठा का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव चन्नौर पहुंचा। उनके पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरा गांव गमगीन हो गया। हजारों लोगों की भीड़ अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। गांव की गलियां “भारत माता की जय”व कलेक्टर बैठा अमर रहे की नारों से गूंज उठा। कलेक्टर बैठा स्वर्गीय लेटर बैठा के पुत्र थे और करीब 30 वर्षों से भारतीय सेना में सेवा दे रहे थे। बीते 16 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में हृदय गति रुक जाने के कारण उनका निधन हो गया।

उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गार्ड ऑफ ऑनर और तिरंगा उनके पुत्र को सौंपा गया। पार्थिव शरीर पहुंचने पर धनौती थाना पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। वही सेना की परंपरा के अनुसार उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा रहा और अंतिम यात्रा के समय तिरंगा उनके पुत्र को सौंप दिया गया। इस क्षण में मौजूद हर लोगों की आंखें नम हो गई। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका दाह संस्कार किया गया। अरुणाचल प्रदेश से पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे सेना के जवानों की भी आंखे नम हो गई।
अंतिम यात्रा में उमड़ी जनसैलाब
कलेक्टर बैठा की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए हैं। आम जनों से लेकर जनप्रतिनिधि तक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर पुष्पमाला अर्पित किया। जिले से लेकर पंचायत तक के जनप्रतिनिधियों को भीड़ उमड़ पड़ी।

