पटना, 31 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार में इन दिनों ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की जोरदार गूंज है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव इस यात्रा के जरिए राज्यभर में घूम-घूम कर लोगों से संवाद कर रहे हैं, सभाएं कर रहे हैं और विपक्षी दलों को घेरने में लगे हैं। यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना में होगा, लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है।

शनिवार को यात्रा जब आरा पहुंची, तो मंच से एक बड़ा राजनीतिक ऐलान हो गया। तेजस्वी यादव ने खुद को ‘INDIA गठबंधन’ का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया। यह ऐलान तब हुआ जब कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कोई साफ़ रुख अब तक नहीं अपनाया गया है।
हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी से पूछा गया था कि क्या कांग्रेस तेजस्वी को सीएम कैंडिडेट घोषित करेगी, लेकिन राहुल ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया था। इसके उलट, तेजस्वी ने बिना कांग्रेस की सहमति के ही खुद को सीएम फेस घोषित कर दिया।
आरा में आयोजित सभा में तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,
“यह कॉपीकैट सरकार है। तेजस्वी आगे-आगे, सरकार पीछे-पीछे। असली मुख्यमंत्री चाहिए या डुप्लीकेट?”
इस पर भीड़ से “असली” के नारे लगने लगे। तेजस्वी ने लोगों को इसे दोहराने के लिए भी उकसाया।
उन्होंने दावा किया कि जो भी घोषणाएं उन्होंने पहले की थीं चाहे वह रोजगार देने की बात हो, डोमिसाइल लागू करना हो या सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाना हो, सरकार ने बाद में उन्हें अपना लिया। लेकिन तेजस्वी ने नीतीश सरकार कोविजनहीन बताया।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला करते हुए कहा कि उनके वादे “कागज के हवाई जहाज” जैसे हैं हवा में उड़ते हैं, लेकिन जमीन पर नहीं उतरते।
उन्होंने जनता से अपील की,“वोट चोरी से बचाएं, तभी बिहार में बदलाव संभव है।”
तेजस्वी की इस घोषणा पर जब राजद प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या से पत्रकारों ने प्रतिक्रिया मांगी और पूछा कि कांग्रेस तेजस्वी को CM फेस क्यों नहीं बना रही, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा,
“शादी ही नहीं हुई और आप सुहागरात की बात कर रहे हैं। अभी हमारी प्राथमिकता लोगों को वोट का अधिकार दिलाना है।”
अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस तेजस्वी की इस एकतरफा घोषणा पर अपनी मुहर लगाती है या महागठबंधन में मतभेद और गहराते हैं।

