नई दिल्ली, 16 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारत में मानसून खत्म होने के बावजूद बारिश का दौर रुक नहीं रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए लो-प्रेशर एरिया ने दक्षिण भारत में मौसम को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 16 से 20 नवंबर तक कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

केरल में मानसून के बाद भी वर्षा का असर जारी है। अगले पांच दिनों में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली गिरने, तेज गर्जना और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रहेगा। समुद्र में ऊंची लहरों की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी है।
आंध्र प्रदेश पर बंगाल की खाड़ी का यह तंत्र सबसे अधिक प्रभाव डालेगा।
- 17–18 नवंबर: तटीय जिलों में भारी बारिश और 30–40 किमी/घंटा की तेज हवाएं
- 16, 19, 20 नवंबर: हल्की–मध्यम बारिश
समुद्री इलाकों में खतरे को देखते हुए मत्स्यकर्मियों को चेतावनी जारी की गई है।
तमिलनाडु, जहां इस समय नॉर्थ–ईस्ट मानसून चरम पर है, में भी 16–20 नवंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। चेन्नई, कडलूर, नागपट्टिनम और तिरुनेलवेली सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। गरज–चमक और जलभराव का भी अलर्ट जारी है।
लक्षद्वीप, अंडमान–निकोबार, माहे, यनम और रायलसीमा में भी अगले पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरों की आशंका है।
उत्तर भारत में इस सिस्टम का असर बारिश के रूप में नहीं दिखेगा, लेकिन दिल्ली और राजस्थान में ठंड बढ़ने की संभावना है। IMD के अनुसार 16–20 नवंबर के दौरान सुबह–शाम के तापमान में 3–4 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। दिल्ली–NCR में हल्की धुंध और प्रदूषण बढ़ने की भी आशंका है।

