
पटना, 15 जनवरी (पटना डेस्क) दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद राजशाही परंपराओं, श्राद्ध कर्म और संपत्ति अधिकार को लेकर सियासी नहीं बल्कि पारिवारिक संग्राम तेज हो गया है। महारानी के निधन की खबर के साथ ही वर्षों से दबे विवाद सतह पर आ गए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि पुलिस प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहना पड़ रहा है।महारानी के निधन के बाद युवराज कपिलेश्वर सिंह दरभंगा पहुंचे और सबसे पहले श्यामा माई मंदिर परिसर स्थित महारानी के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे कल्याणी निवास पहुंचे, जहां उन्होंने अपने चचेरे भाई रत्नेश्वर सिंह से मुलाकात की।

इसी दौरान महारानी के विधिवत श्राद्ध कर्म की रूपरेखा तय की गई।मीडिया से बातचीत में युवराज कपिलेश्वर सिंह ने ऐलान किया कि महारानी के समाधि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्राद्ध कर्म में देश-विदेश से कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। युवराज ने यह भी स्पष्ट किया कि श्राद्ध कर्म के बाद कल्याणी निवास पर राज परिवार का अधिकार स्थापित होगा।इधर, महारानी की दो बहनों के पुत्रों और पौत्रों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। अंतिम संस्कार से पहले ही कल्याणी निवास में मारपीट की नौबत आ गई थी। श्राद्ध कर्म को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।

युवराज के दरभंगा पहुंचते ही बहनों के पुत्रों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया गया है।सूत्रों के मुताबिक श्राद्ध के बाद कल्याणी निवास पर कुमार कपिलेश्वर सिंह और उनके भाइयों का अधिकार होगा। महाराजा कामेश्वर सिंह द्वारा तैयार डीड और हालिया कोर्ट फैसले से राज परिवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वहीं, संभावित विवाद को देखते हुए दरभंगा पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।

