
बक्सर, 15 मार्च (विक्रांत) भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी 2026 को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। विश्वविद्यालय परिसर में 16 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय मेले को लेकर प्रशासन और वैज्ञानिकों की टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है। इस मेले में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि उद्यमी, छात्र–छात्राएँ तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े संस्थान भाग लेंगे।इस वर्ष किसान मेले का मुख्य विषय “दलहन–तिलहन उत्पादन में वृद्धि द्वारा पोषण एवं खाद्य सुरक्षा” रखा गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस विषय के माध्यम से किसानों को दलहन एवं तिलहन की उन्नत खेती, उच्च उत्पादक किस्मों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फसलों का उत्पादन बढ़ाकर देश में पोषण स्तर और खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।मेले में कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों की अनेक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। किसानों को जलवायु अनुकूल उन्नत फसल किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीकों, छोटे एवं उपयोगी कृषि उपकरणों, मिट्टी एवं जल संरक्षण की तकनीकों, आधुनिक सिंचाई प्रणालियों तथा कृषि यंत्रीकरण से जुड़े नए समाधानों की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा किसानों को कृषि आधारित उद्यमिता के अवसरों से भी अवगत कराया जाएगा, जिससे वे खेती के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।मेले की एक खास विशेषता किसानों और वैज्ञानिकों के बीच होने वाला सीधा संवाद कार्यक्रम होगा। इस दौरान किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याएँ सीधे कृषि वैज्ञानिकों के सामने रख सकेंगे और उनके व्यावहारिक समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा मेले में उन्नत बीज एवं पौध सामग्री, कृषि जैव उत्पाद, आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, पशु प्रदर्शनी, पुष्प प्रदर्शनी तथा उद्यान प्रदर्शनी भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी। विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों द्वारा किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।मेले के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शनी पंडाल, स्टॉल, तकनीकी सत्रों के आयोजन स्थल तथा किसान गोष्ठियों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। दूर-दराज से आने वाले किसानों और आगंतुकों के लिए भी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि यह किसान मेला किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का विषय वर्तमान समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है, जिससे किसानों को दलहन–तिलहन उत्पादन बढ़ाने की नई तकनीकों और उन्नत किस्मों की जानकारी मिल सके।विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिहार सहित आसपास के राज्यों के किसान भाईयों–बहनों, कृषि उद्यमियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे 16 से 18 मार्च 2026 तक सबौर में आयोजित इस राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं।

