
पूर्णिया, 25 दिसंबर (राजेश कुमार झा) दालकोला चेकपोस्ट पर भ्रष्टाचार के रोज कुछ न कुछ खुलासे हो ही रहे है.लेकिन इनमें संलिप्त बाबुओं को कोई फर्क नहीं है.क्योंकि इन लोगों का सोचना है कि जब जिले के बड़े अधिकारी से लेकर विभाग तक मैनेज है तो कौन क्या बिगाड़ेगा.बताते चलें कि दालकोला चेकपोस्ट पर सरकारी राजस्व के बंदरबांट मामले में एक बड़ा और नया भ्रष्टाचार का खुलासा सामने आया है.सबसे बड़ी बात आखिर 32 लाख से अधिक सरकारी राजस्व की उगाही कैसे हो रही है.

बताते चलें कि दालकोला चेकपोस्ट पर परिवहन विभाग के कर्मी हिमांशु गाड़ियों की बेरोकटोक आवाजाही के लिए सीक्रेट कोड जेनरेट करता है.जो दलाल के जरिए इंट्री माफिया तक पहुंच जाती है.वो इंट्री माफिया वही सीक्रेट कोड को ट्रक ड्राइवर को देता है.वो ट्रक ड्राइवर दालकोला चेकपोस्ट पर आने के बाद वहां जांच में खड़े सुरक्षा कर्मी एवं अधिकारी को वो सीक्रेट कोड बताता है.जिसे सुनने के बाद जांच में तैनात सिपाही एवं अफसर उसे तुरंत जाने की इजाजत देते है.*कैसे और कौन जेनरेट करता है सीक्रेट कोड और कैसे काम करता है*परिवहन विभाग के कर्मी हिमांशु और इंट्री माफिया का दलाल विष्णु बोसाक की मिलीभगत से होता है पूरे सिस्टम का खेल.

विष्णु बोसाक के मोबाइल पर हर दिन इंट्री माफियाओं के द्वारा ट्रकों का नंबर भेज दिया जाता है.वो ट्रक नंबर परिवहन कर्मी हिमांशु को बताया जाता है.उसके बाद हिमांशु सीक्रेट कोड जेनरेट करता है.जैसे विष्णु बोसाक के मोबाइल पर इंट्री माफियाओं ने ट्रक नंबर 3267,5689,4590,8743 भेजा.हिमांशु उस ट्रक नंबर पर एक सीक्रेट कोड जेनरेट करता है.जैसे चौधरी 3267,जय माता दी 5689,जयहिंद 4590.उसके बाद ये सभी सीक्रेट कोड दलाल विष्णु बोसाक को बता दिया जाता है. उसके बाद विष्णु बोसाक सभी सीक्रेट कोड को इंट्री माफियाओं को बता देता है. उसके बाद इंट्री माफियाओं ने अपने सभी ट्रक ड्राइवर को ये सीक्रेट कोड दे देता है.ट्रक ड्राइवर जैसे ही दालकोला चेकपोस्ट पर पहुंचता है.वो तुरंत अपना सीक्रेट कोड जांच में खड़े सिपाही या अधिकारी को बताते है.वो सीक्रेट कोड को सुनते ही तुरंत उसे निकलने का इशारा हो जाता है.इसके लिए हर दिन इंट्री माफियाओं से बहुत मोटी रकम की वसूली होती है.जो सरकारी राजस्व सरकार के खजाने में जानी चाहिए़.उसका बंदरबांट हो रहा है.

