नई दिल्ली, 28 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) दिल्ली की हवा को शुद्ध करने के लिए सरकार ने अब इंद्रदेव की नहीं, बल्कि विज्ञान की मदद ली है। राजधानी में मंगलवार को कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह बारिश पूरी दिल्ली में नहीं, बल्कि बुराड़ी और आसपास के इलाकों में कराई जाएगी।

क्लाउड सीडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला विशेष विमान मंगलवार सुबह कानपुर से उड़ान भरकर दिल्ली पहुंचा। कानपुर में विजिबिलिटी कम होने के कारण इसकी उड़ान में कुछ देरी हुई थी। जैसे ही मौसम साफ हुआ, विमान ने दिल्ली की दिशा पकड़ी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ते AQI स्तर को सुधारना है।
विमान ने दिल्ली और उसके आसपास के कई इलाकों खेकरा, बुराड़ी, नॉर्थ करोल बाग, मयूर विहार, सड़कपुर और भोजपुर के ऊपर क्लाउड सीडिंग की। इसके लिए सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड जैसे यौगिकों का छिड़काव किया गया, जो बादलों में नमी बढ़ाकर कृत्रिम बारिश उत्पन्न करने में सहायक होते हैं।
हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली की हवा में फिलहाल नमी का स्तर केवल 15 से 20 प्रतिशत है, जबकि सफल कृत्रिम बारिश के लिए कम से कम 50 प्रतिशत नमी की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि शाम 5 से 6 बजे के बीच उत्तरी और बाहरी दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में क्लाउड सीडिंग की कोशिश की गई हो। पिछले हफ्ते बुराड़ी क्षेत्र के ऊपर एक परीक्षण उड़ान भरी गई थी, लेकिन पर्याप्त नमी न होने के कारण उस वक्त बारिश नहीं कराई जा सकी थी।
सरकार का मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो दिल्ली की जहरीली हवा से राहत मिलेगी और आने वाले दिनों में इस तकनीक को अन्य प्रदूषित शहरों में भी अपनाया जाएगा।

