
नई दिल्ली, 14 जनवरी (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गौ सेवा भी की और तमिल समुदाय को पोंगल की शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल अब केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक वैश्विक त्योहार बन चुका है।

उन्होंने कहा कि तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा धरोहर है और इसकी जड़ें प्रकृति, कृषि और मानवीय मूल्यों से गहराई से जुड़ी हैं।पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल हमें यह सिखाता है कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। जब धरती हमें इतना कुछ देती है, तो उसे संजोने की जिम्मेदारी भी हमारी है। अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी को स्वस्थ रखना, पानी बचाना और संसाधनों का संतुलित उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने तमिल साहित्य ‘तिरुक्कुरल’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कृषि और किसानों के महत्व को विस्तार से बताया गया है। तमिल संस्कृति में किसान को जीवन की आधारशिला माना गया है और हमारे किसान राष्ट्र निर्माण के मजबूत साथी हैं।उन्होंने कहा कि दुनिया की लगभग हर सभ्यता में फसलों से जुड़े त्योहार मनाए जाते हैं। पोंगल जैसे पर्व “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करते हैं। पीएम मोदी ने लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू जैसे पर्वों के प्रति देशभर के उत्साह की सराहना की।इससे पहले प्रधानमंत्री ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए नागरिकों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने सूर्य देव से उत्तरायण में सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

