नई दिल्ली, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे राजधानी के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। पानी भरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने संत परमानंद अस्पताल और सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर को एहतियातन खाली करवा दिया है। इन अस्पतालों के मरीजों को सुरक्षित रूप से अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है।

गुरुवार को यमुना बाजार स्थित संत परमानंद अस्पताल पूरी तरह खाली कर दिया गया, जबकि सिविल लाइंस इलाके में स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर से पांच मरीजों को लोकनायक अस्पताल भेजा गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति से पहले ही सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पिछले वर्ष, जुलाई 2023 में जब यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, तब दिल्ली को भयंकर बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा था। इस दौरान करीब 25,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा था। इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है और संभावित खतरे को भांपते हुए अग्रिम कार्रवाई कर रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गुरुवार सुबह छह बजे यमुना का जलस्तर 207.48 मीटर दर्ज किया गया, जो इस वर्ष का अब तक का उच्चतम स्तर है। हालांकि दिनभर में इसमें कुछ कमी आई और रात आठ बजे तक जलस्तर 207.42 मीटर तक आ गया। गौरतलब है कि यमुना में खतरे का निशान 205.33 मीटर पर है, जिसे यह पार कर चुकी है।
जलस्तर बढ़ने के कारण यमुना के किनारे बसे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है और कई परिवार राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर संबंधित विभागों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इस बार 2023 जैसी स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यमुना से समय रहते गाद हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया था, जिससे पानी अब पहले की तुलना में तेजी से निकल रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और बाढ़ से प्रभावी निपटने की है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

