पटना (सेंट्रल डेस्क) देश के बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के पैदल यात्रा पर निकले यूपी के मेरठ के शिव भक्त वियो कैमूर में कांवड़ लेकर पदयात्रा करते हुए पहुंचा। कैमूर में उक्त शिवभक्त का दुर्गावती क्षेत्र के एनएच -19 के कर्मनाशा के निकट भव्य स्वागत किया गया। शिवभक्त ने बातचीत के क्रम में बताया कि 12 ज्योतिर्लिंगों की पद यात्रा पर निकले हैं, धर्म और संस्कृति के कलावे देश का विकास हो समाज का कल्याण हो। कोई अपना निजी उद्देश्य नही है। उक्त शिव भक्त बागपत (मेरठ) सिंधावली के निवासी हैं। इनका नाम शंकर है। यह 12 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं।

यह अब तक केदारनाथ-बद्रीनाथ, गंगोत्री ,यमनोत्री, इलाहाबाद व वाराणसी के बाबा विश्वनाथ के दर्श न के साथ लगभग 14 सौ किलोमीटर की यात्रा तयकर चुके हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां से अब झारखंड बाबा बैद्यनाथ पहुंचकर जलाभिषेक व दर्शन पुजन करना है।बस इनका लक्ष्य शिवजी के इन पवित्र स्थानों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य करना है।गौरतलब हो कि “हिन्दू धर्म पुराणों की मान्यता अनुसार जहां-जहां स्वयं प्रकट हुए इन बारह स्थानों पर स्थित शिवलिंगों को ज्योतिर्लिंगों के रूप में पूजा जाता है। जैसे वाराणसी (काशी) में श्री विश्वनाथ,झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ॑,सौराष्ट्र प्रदेश (काठियावाड़) में श्री सोमनाथ, श्रीशैल पर श्रीमल्लिकार्जुन, उज्जयिनी (उज्जैन) में श्रीमहाकाल, मालवा में ॐकारेश्वर अथवा अमलेश्वर,दारुकावन में श्रीनागेश्वर, गौतमी (गोदावरी) के तट पर श्री त्र्यम्बकेश्वर, हिमालय पर केदारखंड में श्रीकेदारनाथ और सेतुबंध पर श्री रामेश्वरम आदि प्रमुख देश के 12 ज्योतिर्लिंग है। अशवानों में मान्यता है कि जो मनुष्य प्रतिदिन प्रात:काल उठकर इन बारह ज्योतिर्लिंगों के नाम का पाठ करता है,उसके सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। उसको संपूर्ण सिद्धियों का फल प्राप्त हो जाता है.इतना ही नहीं प्रत्येक ज्योतिर्लिङ्ग का एक-एक उपलिंग भी है।जिसका विवरण शिवमहापुराण की ‘ज्ञानसंहिता’ में भी वर्णित है।

