पटना, 20 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार की राजनीति आज एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब गांधी मैदान में विशाल जनसमूह और कड़ी सुरक्षा के बीच नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। शपथ ग्रहण के साथ ही एनडीए गठबंधन की नई सरकार ने औपचारिक रूप से कामकाज की शुरुआत कर दी।

इस अवसर पर कुल 26 मंत्रियों ने पदभार संभाला, जिनमें पहली बार विधायक बनीं जमुई की श्रेयसी सिंह भी शामिल रही। मंत्रिमंडल में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन, सुनील कुमार, मो. जमां खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेन्द्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश शामिल रहे।
सुबह से ही गांधी मैदान में उत्सव जैसा माहौल था। बड़े पैमाने पर लोग अलग-अलग जिलों से पटना पहुंचे और ‘जय बिहार’ तथा ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों से वातावरण गुंजायमान होता रहा। समर्थकों ने पारंपरिक गमछों को हवा में लहराकर अपने नेताओं का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और उत्साह का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।
समारोह की खास बात रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति। बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ कि किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री स्वयं मौजूद रहे। इससे कार्यक्रम की राजनीतिक गरिमा कई गुना बढ़ गई। पीएम के अलावा असम, हरियाणा, नागालैंड, मेघालय, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सहित 16 राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी परवान पर रहे। छठ गीतों और भोजपुरी संगीत ने माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा। कलाकार मनोज तिवारी और पवन सिंह की मौजूदगी ने भीड़ में अलग उत्साह भर दिया। मंच संचालन का दायित्व बांकीपुर के विधायक नितिन नवीन ने संभाला और पूरी दक्षता से कार्यक्रम को दिशा दी।
आज का यह शपथ ग्रहण सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीतिक स्थिरता, नेतृत्व के प्रति भरोसे और नए विकासीय अध्याय की उम्मीदों का प्रतीक बनकर उभरा है। जनता की भारी मौजूदगी ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि नीतीश कुमार की नई पारी राज्य की आकांक्षाओं के साथ एक नई शुरुआत का संकेत है।

