
पटना, 21 दिसम्बर (पटना डेस्क) पंचायत चुनाव को लेकर फैल रही अफवाहों और भ्रम के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि पंचायतों में आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें भ्रामक और निराधार हैं।

आयोग के अनुसार राज्य में पंचायतों के आम चुनाव हर हाल में दिसंबर 2026 से पहले करा लिए जाएंगे और इसकी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार पंचायत चुनाव मल्टी पोस्ट ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित होगी। आयोग के मुताबिक मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य सहित सभी पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। नियमों के अनुसार हर दो चुनाव के बाद पंचायत पदों के आरक्षण में बदलाव किया जाता है। वर्ष 2016 और 2021 में पंचायत चुनाव हुए थे, ऐसे में 2026 से पहले होने वाले चुनाव में सभी पदों पर नए सिरे से आरक्षण लागू किया जाएगा।आयोग ने स्पष्ट किया कि आरक्षण की यह प्रक्रिया पूरी तरह संविधान और पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए निर्धारित आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन होगा। आयोग ने कहा कि किसी भी पंचायत या पद को लेकर कोई असमंजस नहीं है।सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर फैली अफवाहों के बाद आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। आयोग ने दोहराया कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और इन्हें समय पर, निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

